100 करोड़ में अलगाववादी करते रहे ऐश, अब छीनी जाएगी सारी सुविधाएं!

दिल्ली: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर अलगाववादियों के अड़ियल रुख को देखते हुए अब उन पर नकेल कसने की तैयारी की जा रही है। सरकार की तरफ से अलगाववादियों पर 100 करोड़ रुपये खर्च किये गए। ये वही पैसे जो जनता से टैक्स के रुप में वसूले जाते हैं। लेकिन अब सरकार अलगाववादियों को मिलने वाले इस ऐश और आराम में कटौती करने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अलगाववादियों को मिलने वाले जेड श्रेणी की सुरक्षा वापस ली जाएगी। अलगाववादियों के विदेश दौरे पर भी नजर रखी जाएगी। उनका पासपोर्ट भी जब्त हो सकता है। अबतक अलगाववादी नेता जहां भी जाते हैं तो उनके लिए फाइव स्टार होटल में ठहरने की व्यवस्था होती है। इसे भी खत्म किया जाएगा। उनके बैंक खातों में हुई लेनदेन की भी जांच की जा सकती है। अगर अलगाववादी बीमार होते हैं तो सरकार के खर्च पर उनका इलाज कराया जाता है। कश्मीर के अलगाववादियों की सुरक्षा के लिए 950 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसपर होने वाले खर्च में 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार करती है जबकि 10 फीसदी खर्च राज्य सरकार उठाती है।

पिछले दिनों जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर गया था तो उस दल के कुछ नेता अलगाववादियों से मिलने उनके घर गए थे। लेकिन उन्हें दरवाजे से ही वापस लौटा दिया गया। अलगाववादियों ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया था। अलगाववादियों का कहना था कि उन्हें औपचारिक तौर पर न्योता नहीं दिया गया था। जबकि जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने बातचीत में शामिल होने का न्योता भेजा था लेकिन अलगाववादियों ने उसे ठुकरा दिया था।

घाटी में अलगाववादियों के रुख से ये साफ हो गया है कि वो नहीं चाहते की कश्मीर में हालात संभले और शांति बहाल हो। महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर अलगाववादियों को आगाह किया है कि बच्चों को ढाल की तरह इस्तेमाल नहीं करें। वहीं दूसरी तरफ अलगाववादियों ने घाटी में बंद 16 सितंबर तक बढ़ा दी है।

-Jammu and Kashmir, Rajnath Singh

Loading...