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पुलिस के लिए सरकार का सिंघम प्लान, पानी भी नहीं मांग सकेंगे आतंकी

पुलिस के लिए सरकार का सिंघम प्लान, पानी भी नहीं मांग सकेंगे आतंकी

दिल्ली: आंतंकी हमले की साजिश भले ही सरहद पार पाकिस्तान में रची जाती है। लेकिन उसे अंजाम भारत की धरती पर दिया जाता है। अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठन आतंकियों की खेप भारत भेज रहे हैं। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए ये एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए एक नई रणनीति तैयार की जा रही है।
नई रणनीति के तहत देशभर की पुलिस को अपडेट किया जाएगा। इसके तहत पुलिस बलों को एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी। गृह विभाग आईपीएस से लेकर दरोगा तक को एंटी टेरेरिस्ट स्पेशल कोर्स कराएगा। जिसमें अफसरों को पुलिस अकादमी हैदराबाद जबकि इंस्पेक्टर और दरोगा को ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानि BPRND प्रशिक्षण देगी।
डीजी ट्रेनिंग सुलखान सिंह का कहना है कि BPRND ने एंटी टेरेरिस्ट कोर्स कराने की बात कही है। पुलिस के लिए इस तरह की ट्रेनिंग की जरुरत काफी वक्त से महसूस की जा रही थी। जिससे वह किसी एक्सपर्ट के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले हालात सामान्य कर सकें। कहीं बम मिलने की सूरत में बम निरोधक दस्ते के पहुंचने से पहले उसे बेकार कर सकें। रास्तों पर बिछी लैंड माइन को बेकार कर सकें।
पुलिस को ये ट्रेनिंग भी दी जाएगी कि संदिग्धों की पहचान किस तरह से की जाए। देश में सक्रिय सभी आतंकी संगठनों, उनके नेटवर्क और वारदात करने के तरीके के बारे में जानकारी दी जाएगी। पुलिस अधिकारी मास्टर ट्रेनर के तौर पर ट्रेनिंग लेंगे फिर अपने-अपने जोन में पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देंगे।
BPRND एक्सपर्ट्स के माध्यम से एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर और दारोगा को कोर्स कराएगी। इसके लिए ट्रेनिंग मुख्यालय से संपर्क किया गया है। ट्रेनिंग के तहत

  • बम को निष्क्रिय करना
  • भीड़ में संदिग्ध की तलाश करना
  • मकान में छिपे आतंकियों पर हमला करना
  • आतंकियों के नेटवर्क की जानकारी जुटाना
  • रास्ते में बिछी बारुदी सुरंग का पता लगाना
  • सक्रिय आतंकी संगठनों का नेटवर्क पढ़ना
  • भीड़ में शामिल दहशतगर्दों को बगैर आमजन को नुकसान पहुंचाए गिरफ्तार करना

माना जा रहा है गृह विभाग की इस नई कोशिश से देश की पुलिस को एक नई मजबूती मिलेगी। और वो आतंकी चुनौतियों से निपटने में खुद को ज्यादा सक्षम पाएगी।

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