सोहराबुद्दी एनकाउंटर केस में डीजी वंजारा सीबीआई कोर्ट से बरी

नई दिल्ली:  गुजरात के बहु चर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में पूर्व डीआईजी डीजी वजारा को बड़ी राहत मिली है। मुंबई की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है। सोहराबुद्दीन केस 2005 का है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी इस मामले में आरोपी थे। लेकिन वो पहली ही इस मामले में बरी हो चुके हैं। वंजारा को सबूतों के अभाव में बरी किया गया है।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में वंजारा को अप्रैल 2007 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद वंजारा को गुजरात से बहर रहने का आदेश दिया गया था। जिसके बाद वंजारा 9 साल से गुजरात से बाहर रह रहे थे। इस मामले में वंजारा 8 साल तक जेल में रहे। इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने एक और आईपीएस अधिकारी एम एन दिनेश को भी बरी कर दिया है।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में बंजारा को 2007 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद इशरत जहां एनकाउंटर मामले में भी उन्हें गिरफ्तार किया गया।

हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जाते वक्त सोहराबुद्दी शेख और उनकी पत्नी कौसर बी को गुजरात एटीएस पुलिस ने कथित तौर पर अगवा किया था। नवंबर 2015 में गांधीनगर में सोहराबुद्दीन शेख का एनकाउंटर हुआ। उसके बाद से उनकी पत्नी लापता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। इस एनकाउंटर का प्रत्यक्षदर्शी प्रजापति की दिसंबर 2016 में हत्या कर दी गई थी।

तुलसी प्रजापति केस में भी बाद मे वंजारा आरोपी बने। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों केस की जांच सीबीआई को सौंप दी और दोनों केस एक साथ जोड़ दिये गए। सितंबर 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन केस को गुजरात से महाराष्ट्र शिफ्ट कर दिया।

 

Loading...