मोदी के मंत्री ने वैज्ञानिकों को एक साल की डेडलाइन के साथ दी बड़ी चुनौती

मोदी के मंत्री ने वैज्ञानिकों को एक साल की डेडलाइन के साथ दी बड़ी चुनौती

नई दिल्ली:  देश में पटाखों को लेकर बड़ी बहस हो रही है। बहस की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके पीछे वजह प्रदूषण है। सुप्रीम कोर्ट ये देखना चाहता है कि अगर पटाखे ना जलाए जाएं तो प्रदूषण में कितना फर्क पड़ता है। इस बीच मोदी सरकार के मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बड़ा बयान दिया है।

पटाखों के बैन पर जब हर्षवर्धन से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा ‘शनिवार को देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ एक बैठक में मैंने उन्हें चुनौती दी है कि अगले साल तक देश के लिए जीरो पॉल्यूशन वाले पटाखे का आविष्कार करें।‘ हर्षवर्धन ने आगे कहा ‘उन्हें यकीन है कि दिवाली पर पटाखे चलेंगे और बिना प्रदूषण वाली आतिशबाजी होगी।‘

सुप्रीम कोर्ट ने जब से दिल्ली एनसीआर में 31 अक्टूबर तक के लिए पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई है तब से इसके समर्थन और विरोध में प्रतिक्रिया आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध का आदेश दिया था। जिसके बाद व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में पटाखों की बिक्री से रोक हटाने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री 1 नवंबर 2017 से शुरु हो सकेगी। कारोबारियों ने दलील दी थी कि अगर रोक नहीं हटाई गई तो काफी नुकसान होगा। क्योंकि पटाखों का काफी स्टॉक खरीदा जा चुका है।

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