एयर इंडिया में विनिवेश को कैबिनेट की मंजूरी

नई दिल्ली:  केंद्रीय कैबिनेट ने एयर इंडिया में विनिवेश को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के सामने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से ये सिफारिश की गई थी। जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके बाद अब सरकार एयर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। जेटली ने कहा सैद्धांतिक रूप से एयर इंडिया में विनिवेश की मंजूरी दे दी गई है। विनिवेश प्रक्रिया के तौर तरीके तय करने के लिए वित्तमंत्री की अध्यक्षता में एक समूह गठित करने के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है।

कैबिनेट के इस अहम फैसले के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा सरकार एयर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए अब पैनल का गठन  किया जाएगा। सरकार ने ये फैसला एयर इंडिया के बढ़ते घाटे को देखते हुए लिया है। क्योंकि तमाम कोशिशों के बवजूद एयर इंडिया की हालत में सुधार नहीं हो रहा था।

एयर इंडिया के विनिवेश की मांग काफी वक्त से उठ रही थी। एयर इंडिया के ऊपर 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। इसका मुख्य कारण उच्च रख रखाव और पट्टा किराया है। वित्त वर्ष 2015-16 को छोड़कर कंपनी को मुनाफा नहीं हुआ। वित्त मंत्री अरुण जेटली भी एयर इंडिया के विनिवेश के पक्ष में थे। उन्होंने कहा था एयरलाइंस की बाजार हिस्सेदारी केवल 14 फीसदी है। ऐसे में करदाताओं के 50,000 से 60,000 करोड़ का उपयोग कितना जायज है।

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