BSP छोड़ बीजेपी में शामिल हुए ब्रजेश पाठक

लखनऊ: बात हैरान करनेवाली है। पहली बार में शायद आपको भी यकीन न आए लेकिन बात है पूरी सच्ची। ब्रजेश पाठक अब BSP को छोड़ चुके हैं और BJP में शामिल हो चुके हैं। ब्रजेश पाठक ने ही आगरा में मायावती की पहली चुनावी रैली की तैयारी की थी। रविवार को आगरा में हुए मायावती की रैली के संयोजक थे ब्रजेश पाठक। उस रैली के अगले ही दिन ब्रजेश पाठक ने बहनजी का साथ छोड़ दिया।

आगरा की रैली से मायावती ने कांग्रेस, बीजेपी, एसपी सभी पर निशाना साधा था। अगड़ों को अपने पक्ष में करने के लिए मायावती ने कांग्रेस के उस वादे को फरेब का नाम दिया था जिसमें कांग्रेस ने आर्थिक तौर पर पिछड़े अगड़ों को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात कही थी। आगरा रैली मायावती अपने दलित वोट बैंक को पुनर्जीवित करने के लिए आयोजित की थी। लेकिन उस रैली में निगाहें ब्राह्मण वोट बैंक पर भी थी। लेकिन लगता है मायावती की वो सोच फिट नहीं बैठी। वर्ना रैली के एक दिन बाद ही पार्टी के बड़े ब्राह्मण नेता ने यूं पार्टी नहीं छोड़ी होती।

खैर अब यूपी के सियासत की नई तस्वीर ये है कि ब्रजेश पाठक BSP छोड़ चुके हैं। बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। इसके पीछे ब्रजेश पाठक ने जो वजह बताई है वो ये है कि वो यूपी को बर्बाद होने से बचाना चाहते हैं इसलिए बीजेपी में शामिल हुए हैं। अबतक वो वही करते थे तो जो बहन जी कहती थीं। लेकिन अब वो करेंगे जो अमित शाह कहेंगे।

ब्रजेश पाठक को पाकर बीजेपी खुश है। पार्टी को खुशी इस बात की है कि उसने BSP के दो मजबूत स्तंभ को अपने तंबू में फिट कर लिया है। पहले स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी में शामिल हुए जिनकी पकड़ दलित वोटबैंक पर है। उसके बाद अब ब्रजेश पाठक बीजेपी में शामिल हुए हैं जिनकी पकड़ ब्राह्मण वोटों पर है। बीएसपी जहां अपनी अगली चुनावी रैली और अगली रणनीति का खाका तैयार कर रही थी वहीं ब्रजेश पाठक के पार्टी छोड़ने के बाद अब इस नुकसान की भरपाई की दवा तलाश रही है।

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