दिल्ली के बाद मुंबई के रिहायशी इलाकों में पटाखा बिक्री पर हाईकोर्ट का प्रतिबंध

मुंबई:  दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा बिक्री पर 31 अक्टूबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके बाद अब मुंबई रिहायशी इलाकों में हाईकोर्ट ने पटाखा बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने प्रशासन को आदेश दिया है कि अगर कोई पटाखा बेचते हुए पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बॉम्बे हाईकोर्ट का ये आदेश पटाखा जलाने के खिलाफ नहीं बल्कि रिहायशी इलाकों में पटाखा की बिक्री के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने पिछले साल के आदेश को बरकरार रखते हुए यह आदेश दिया है।

यानि अब साफ हो गया है कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के रिहायशी इलाकों में पटाखों की बिक्री नहीं होगी। दिवाली से ठीक पहले अदालत के ये आदेश आए हैं। सुप्रीम कोर्ट इस आदेश से ये देखना चाहता है कि पटाखों के नहीं जलने से प्रदूषण पर कितना असर पड़ता है। कोर्ट की तरफ से 31 अक्टूबर तक के लिए पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और स्टोरेज पर रोक लगाने वाले नवंबर 2016 के आदेश को बरकरार रखते हुए यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश देते हुए कहा कि हमें कम से कम एक दिवाली पर पटाखा मुक्त त्योहार मनाकर देखना चाहिए। कोर्ट ने कहा पटाखों की बिक्री और उसके भंडारण पर प्रतिबंध हटाने का 12 सितंबर 2017 का आदेश एक नवंबर से दोबारा लागू होगा।

दरअसल अदालत में पिछले साल तीन बच्चों ने पटाखा बिक्री पर बैन के लिए अर्जी डाली थी। खास बात ये है कि इन तीनों बच्चों की उम्र उस वक्त महज 6 से 14 महीने के बीच थी। इस याचिका में दिवाली पर पटाखा बिक्री पर बैन लगाने की मांग की गई थी।

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