केरल में ब्लू व्हेल चैलेंज में मौत की जांच शुरु

नई दिल्ली:  इंटरनेट पर खेले जानेवाले ब्लू व्हेल गेम इन दिनों खासकर बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। महाराष्ट्र में इस ब्लू व्हेल चैलेंज से मौत का पहला मामला सामने आया था। उसके बाद मध्य प्रदेश के एक स्कूल का छात्र इस गेम का चैलेंज पूरा करने के लिए खुदकुशी करने जा रहा था। लेकिन ऐन वक्त पर उसके दोस्तों ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया और उसे बचा लिया। स्कूल का छात्र स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाने वाला था।

केरल में भी ब्लू व्हेल गेम में 26 जुलाई को एक मनोज नाम के बच्चे की मौत हो चुकी है। इस मामले की जांच कर रही जांच टीम मनोज के घर सबूत जुटाने पहुंची। जांच दल की टीम ने मनोज के घर पर उसके कंप्यूटर में पड़े गेम और सॉफ्ट वेयर की पड़ताल में जुटी है। बताया जा रहा है कि मनोज ने ब्लू व्हेल गेम में मिले चैलेंज को पूरा करने के लिए ही खुदकुशी की।

महाराष्ट्र में ही पिछले दिनों ब्लू व्हेल चैलेंज पूरा करने के लिए आठवीं में पढ़ने वाला एक छात्र घर छोड़कर चला गया था। लेकिन वक्त रहते घरवालों को इसकी जानकारी मिल गई। जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। और बच्चे को बस से बरामद कर लिया गया। जिस वक्त बच्चे को बरामद किया गया उस वक्त भी वो बस में ब्लू व्हेल गेम ही खेल रहा था।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी ब्लू व्हेल गेम से हो रहे हादसों पर चिंता जताई है। सीएम ने कहा है कि इस बारे में वो सोशल साइट्स को चिट्ठी लिखेंगे। दरअसल ये ऐसा गेम है जिसे ऑनलाइन खेला जाता है। हर कोई इस गेम को नहीं खेल सकता है। केवल वही इस ब्लू व्हेल चैलंज में शामिल हो सकता है जिसे इसका एडमिन शामिल करना चाहता है। इस गेम में अकसर 11 से 18 साल तक के बच्चों को शामिल किया जाता है।

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