पनामा के बाद अब पैराडाइज पेपरलीक में 714 भारतीयों के गुप्त निवेश का खुलासा

नई दिल्ली:  पैराडाइज पेपर्स में बड़ा खुलासा सामने आया है। इसमें 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं। दावा किया गया है कि इसमें दुनियाभर के अमीर लोगों के गुप्त निवेश की जानकारी शामिल है। इसमें दुनिया की कई बड़ी हस्तियों के नाम शामिल हैं। जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कई मंत्रियों, ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय  समेत कई भारतीयों के नाम भी शामिल हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा का नाम भी इसमें शामिल है। हलांकि लेनदेन सीधे तौर पर उनसे नहीं जुड़ा है बल्कि जिस कंपनी से जयंत सिन्हा जुड़े थे उस कंपनी का नाम इस दस्तावेज में शामिल है। इसमें कुल 714 भारतीयों के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन्होंने फर्जी दस्तावेज के आधार पर विदेशों में अपने काले धन को ठिकाने लगाया।

ये दस्तावेज उन 19 देशों से हासिल किये गए हैं जिन्हें टैक्स हेवन माना जाता है। इसमें उन कंपनियों के बारे में बताया गया है जो इन बड़ी हस्तियों के पैसों को विदेश भेजने में उनकी मदद करते हैं। ये दस्तावेज जर्मन अखबार जीटॉयचे साइटुंग ने टैक्स हैवन देशों से हासिल किये। इसमें 90 मीडिया संस्थानों को भी शामिल किया गया था। जिसमें इंडियन एक्सप्रेस भी शामिल था।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पैराडाइज पेपर्स में 180 देशों के बड़ी हस्तियों के बारे में जानकारी मिली है। अखबार के मुताबिक ये शुरुआत है। इस तरह के अभी 40 से ज्यादा बड़े खुलासे और किये जाएंगे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 714 भारतीयों के नाम इसमें शामिल हैं उनमें राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबम, मोदी सरकार में राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, बीजेपी के राज्य सभा सांसद आर के सिन्हा, मीडिया लॉबिस्ट नीरा राडिया, विजय माल्या, अमिताभ बच्चन, संजय दत्त की पत्नी मान्यता के नाम भी शामिल हैं। इन नामों के अलावे जिंदल स्टील, अपोलो टायर, हेवल्स, हिंदुजा ग्रुप, एम्मार एमजीएफ, हीरानंदानी ग्रुप और डीएस कंस्ट्रक्शन के नाम भी विदेशों में गुप्त रूप से पैसे पहुंचाने और निवेश करने वाले भारतीयों में शामिल है।

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