बीजेपी- शिवसेना का गठबंधन खत्म, 2019 में अकेले चुनाव लड़ेगी शिवसेना

बीजेपी- शिवसेना का गठबंधन खत्म, 2019 में अकेले चुनाव लड़ेगी शिवसेना

मुंबई:  कई दशक तक साथ रहने और हाल में आई तल्खी के बाद अब शिवसेना ने एनडीए से अलग होने का फैसला लिया है। शिवसेना ने महाराष्ट्र में होनेवाले 2019 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में 2019 में ही विधानसभा चुनाव भी है। इसी साल देशभर में लोकसभा चनाव भी होगा। इसके लिए शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कसम भी खाई है।

शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा मैं वचन देता हूं कि हम अपने दम पर देशभर के तमाम राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। जीतें या हारें इसकी परवाह नहीं है। लेकिन शिवसेना चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। शिवसेना ने पार्टी कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित करते हुए बीजेपी से अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

शिवसेना प्रवक्ता संजय साउत ने कहा बैठक में प्रस्ताव पास किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्री की सभी लोकसभा सीटें और विधानसभा चुनाव सभी सीटों पर लड़ेगी। राउत ने कहा कि अगर हम अकेले दम पर चुनाव लड़े तो लोकसभा की 25 सीटें और विधानसभा की 150 सीटें जीतेंगे। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 और विधानसभा की 288 सीटें हैं। शिवसेना के पास मौजूदा वक्त में विधानसभा में 63 विधायक हैं और लोकसभा के 18 सांसद उसके पास हैं।

शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा पांच साल पहले लोग सोचते थे कि मैं पार्टी का नेतृत्व कैसे करूंगा। मुझे नेतृत्व करने में कभी कोई परेशानी नहीं आई। क्योंकि मेरे पास मेहनती और मजूबत सेना थी।

केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद से ही शिवसेना सख्त तेवर अपनाते रहा। केंद्र और महाराष्ट्र दोनों जगह सत्ता में सहयोगी रहते हुए शिवसेना लगातार बीजेपी पर सवाल उठाते रहा है। शिवसेना ने मोदी पर निजी हमले के साथ साथ उनकी नीतियों पर भी कई बार सवाल खड़े कर चुका है।

शिवसेना उस वक्त बीजेपी की सहयोगी बनी थी जब बीजेपी के साथ कोई भी राजनीतिक पार्टी चलने को तैयार नहीं थी। लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग हो रहे हैं। जिस तरह का बयान उद्धव ठाकरे ने दिया है उसका यही मतलब निकल रहा है कि 2019 शिवसेना-बीजेपी के रिश्तों के द इंड का साल होगा।

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