योगी जी! संजय त्यागी जैसे बीजेपी नेता का इलाज कीजिये, आपके सुशासन पर ग्रहण हैं

नई दिल्ली:  यूपी के मेरठ में बीजेपी नेता संजय त्यागी ने पुलिसवालों की वर्दी इसलिए फाड़ दी क्योंकि पुलिस ने उनके बेटे अंकित त्यागी की गाड़ी रोक दी। पुलिस ने अंकित त्यागी की गाड़ी इसलिए रोकी क्योंकि उसपर हुटर लगा था और अंकित उसे बजाता हुए वहां से गुजर रहा था। जबकि ऐसा करने का अधिकार अंकित त्यागी के पास नहीं था।

इसके बाद अंकित त्यागी ने फोन कर अपने पिता संजय त्यागी को बुला लिया। संजय त्यागी मेरठ के स्थानीय बीजेपी नेता हैं। इसके बाद वहां हंगामा शुरु हो गया। संजय त्यागी पर बीजेपी नेता होने और यूपी में अपनी सरकार के होने का गुरुर कुछ इस कदर हावी था की वो सीधे पुलिसवालों से भिड़ गए। पुलिस जब अंकित त्यागी को थाने ले जाने लगी तो संजय त्यागी उसका विरोध करने लगे। वो पुलिस की गाड़ी रोककर खड़े हो गए।

पुलिस लॉकअप में अंकित त्यागी

उनपर पुलिस की वर्दी फाड़ने और धक्का देने का आरोप है। जैसे तैसे पुलिस अंकित त्यागी को थाने के लॉकअप तक लेकर आ गई। लेकिन पीछे से संजय त्यागी अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। और वहां हंगामा शुरु कर दिया। सत्ता का सुरुर और रसूख क्या होता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ मिनटों में ही संजय त्यागी अपने बिगड़ैल बेटे अंकित त्यागी को पुलिस लॉकअप से छुड़ाकर लेते गए।

पुलिस को रोकते हुए बीजेपी नेता संजय त्यागी

हलांकि पुलिस इस मामले की जांच की बात कह रही है। लेकिन अगर पूरी घटना के वीडियो को गौर से देखा जाए तो अंदाजा हो जाता है कि सत्ता के हनक के सामने मेरठ पुलिस कितनी असहाय दिखाई दे रही थी। पहले नेता पिता के बिगड़ैल बेटे ने इंस्पेक्टर और एसआई की वर्दी फाड़ी। फिर फोन कर अपने दबंग बाप को बुलाया जो बीजेपी के नेता हैं। उसके बाद बिगड़ैल बेटे के बाप ने भी पुलिस के साथ गलत बर्ताव किया। पुलिस को वर्दी पकड़कर घसीटा।

दरअसल अंकित त्यागी मेरठ से दिल्ली जा रहा था। लेकिन मेरठ के परतापुर इलाके में पुलिस ने उसकी गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका। पुलिसवालों ने उसे गाड़ी से हूटर और शीशे पर चढ़ी काली फिल्म हटाने के लिए कहा। लेकिन अंकित त्यागी को बात बर्दाश्त नहीं हुई। उसने पुलिसवालों को 24 घंटे में वर्दी उतरवा देने की धमकी दे दी। जब पुलिस अंकित को थाने ले जाने लगी तो उसने इंस्पेक्टर के साथ हाथापाई की। और अपनी मदद के लिए अपने रसूखदार पिता को फोन करके बुला लिया।

पुलिस के साथ धक्का मुक्की करते बीजेपी नेता संजय त्यागी

अंकित के पिता संजय त्यागी को ये बात नागवार गुजरी को एक बीजेपी नेता के बेटे को पुलिस ने रोक कैसे लिया। वो भी तब जब कि प्रदेश में उनकी सरकार है। बात आला अधिकारियों तक पहुंची तो मामले को शांत करने का प्रयास किया गया।

लेकिन इस घटना से इतना तो साफ हो गया कि इस तरह के मामले जबतक सामने आते रहेंगे तबतक यूपी में सुशासन के योगी सरकार के दावे पूरे नहीं हो सकते। ये जरुरी है कि बाहरवालों पर शिकंजा कसने से पहले योगी सरकार अपने घर के लोगों को कानून के दायरे में रहने की आदत सिखाएं।

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