बीजेप-AAP मुलाकात: सीलिंग पर बैठक नहीं हंगामा हुआ, वापसी में केस भी करवा आए बीजेपी वाले

नई दिल्ली:  दिल्ली में चल रहे सीलिंग के खिलाफ मंगलवार को सुबह बीजेपी के नेता दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर उनसे मुलाकात करने पहुंचे थे। मुलाकात स्थल पर आम आदमी पार्टी के सभी विधायक और बड़े नेता मौजूद थे। दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से उनके सांसद, विधायक, नेता प्रतिपक्ष और कुछ बड़े नेताओं समेत तकरीबन 20 लोगों की टोली थी।

सिविल लाइंस के सीएम आवास पर बीजेपी और आप की ये मुलाकात ऐतिहासिक हो सकती थी और दिल्ली के लाखों कारोबारियों के लिए खुशखबरी ला सकती थी लेकिन ऐसा हो ना सका। और बातचीत तकरार में बदल गई। आप वालों की तरफ से केजरीवाल बोले हम बंद कमरे में नहीं बल्कि खुले में मीडिया के सामने बात करेंगे। क्योंकि ये लाखों लोगों से जुड़ा मुद्दा है।

दूसरी तरफ बीजेपी के विधायक सांसद और उनके नेतागण थे। जिनोंने 351 रोड का मामला उठाया और दिल्ली सरकार से सवाल किया का उन 351 सड़क पर सीलिंग क्यों हो रही है। दिल्ली सरकार इसका जवाब दे। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा हमें पता है इन रास्तों पर सीलिंग नहीं हो रही है। अगर हो रही है तो आप मुझे बताओ।


इसी सवाल जवाब में माहौल गरमा गया। सीलिंग कहीं खो गया और बीजेपी और आप के नेता आमने सामने आ गए। जाते जाते अपने समाप्ति भाषण में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इतना ही कहा हम आए थे आपसे बात करने लेकिन आपने हमें नहीं सुनी। इसलिए हम जा रहे हैं। इतना कहते हुए किसी फिल्मी किरदार की तरह सीएम आवास के दरवाजे से बाहर निकल गए।


जाते हुए अपने मेहमानों को देखकर मेजबान केजरीवाल ने कहा वो बंद कमरे में बैठना चाहते थे और हम खुले में बात करना चाहते थे। दरअसल वो व्यापारियों के हित के लिए नहीं बल्कि सियासत करने आए थे। मुलाकात खत्म हो गई और सीलिंग का कोई समाधान नहीं निकला।

लेकिन जाते जाते सीएम आवास के बगल में बने सिविल लाइंस थाने में भी हाजिरी लगाते गए बीजेपी के नेता। बैठक से भन्ना कर निकले बीजेपी नेताओं के केजरीवाल और उनके कुछ विधायकों के खिलाफ केस भी दर्ज करवाते गए। थाने से बाहर निकले बीजेपी सांसद और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा हमारे लोगों के साथ सीएम आवास पर धक्का मुक्की की गई। जिसमें हमारे कुछ लोगों को चोट आई। हम तो बात करने के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने अपने 150 लोगों को बुला लिया था। मीडिया का जमावड़ा लगा लिया था। हमें बोलने नहीं दिया गया। हमारे लोगों के साथ मारपीट हुई। यही शिकायत लेकर हम थाने में गए थे।

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