mayawati fear to loss of Swami Prasad Maurya

BJP के दबाव में यूपी सरकार, अपनी ‘बुआ’ को इंसाफ दिलाए CM अखिलेश-मायावती

BJP के दबाव में यूपी सरकार, अपनी ‘बुआ’ को इंसाफ दिलाए CM अखिलेश-मायावती

बीजेपी के पूर्व यूपी उपाध्यक्ष दयाशंकर की तरफ से मायावती के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पहली बार प्रेस कांफ्रेंस की। इस प्रेस कांफ्रेंस में मायावती के निशाने पर बीजेपी, पीएम मोदी और यूपी की अखिलेश सरकार रही।

मायावती ने कहा कि यूपी के सीएम मुझे बुआ कहते हैं। मैं सीएम अखिलेश से कहूंगी की एक दलित की बेटी का जिस तरह से अपमान किया गया है तो वो इसके आरोपी दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई करें। और मुझे इंसाफ दिलाएं। मायावती ने कहा अगर मौजूदा समाजवादी पार्टी की सरकार मुझे इंसाफ नहीं दिलाती है तो इसके बाद जब यूपी में मेरी सरकार आएगी तो इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और फिर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि उना में हुए दलित उत्पीड़न से ध्यान हटाने के लिए बीजेपी के बड़े नेताओं ने दयाशंकर से इस तरह का बायन दिलवाया। बीजेपी इस पूरे मामले पर राजनीति कर रही है। प्रेदश की सपा सरकार बीजेपी के दबाव में है इसलिए अभी तक दयाशंकर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। बीजेपी और पीएम ड्रामेबाजी कर रहे हैं। मायावती ने ये भी कहा कि संसद के भीतर सांसद जो मुद्दे उठाते हैं वो विशेषाधिकार के तहत उसे उठाते हैं। उसे सदन के बाहर चुनौती नहीं दी जा सकती। लेकिन इसके बावजूद लखनऊ पुलिस ने मेरे खिलाफ FIR दर्ज की है। इस तरह से FIR दर्ज करना संसद का अवमानना है।

मायावती ने बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दिकी का भी बचाव किया। मायावती ने कहा कि दयाशंकर ने मेरे खिलाफ जिस तरह के भाषा का इस्तेमाल किया वैसा कोई इंसान नहीं कर सकता। जिसके बाद बीएसपी समर्थकों ने प्रदर्शन किया। वहां पर दयाशंकर को पेश करो के नारे लगाए गए। जिसे गलत तरीके से समझा गया और बताया गया कि दयाशंकर मां, बेटी और पत्नी को पेश करो कहा जा रहा था। जो कि गलत है। मायावती ने कहा कि नसीमुद्दीन ने कुछ भी गलत नहीं कहा।

दयाशंकर के परिवार की तरफ मायावती और दो बीएसपी नेता के खिलाफ करवाए गए FIR पर मायावती ने कहा कि बीजेपी दयाशंकर के परिवार का इस्तेमाल कर रही है। जिस तरह से बीजेपी ने दयाशंकर की बेटी के सम्मान में धरना प्रदर्शन किया अगर उसी तरह से दलित बेटी के सम्मान में भी धरना प्रदर्शन करते तो अच्छा होता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

जानकार मायावती की इस प्रेस कांफ्रेंस को पूरी तरह से चुनावी प्रेस कांफ्रेंस मान रहे हैं। मायावती ने कहा कि बीजेपी दलित वोटबैंक में सेंध लगाना चाहती है। हमे उलझाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया गया। बीजेपी और समाजवादी पार्टी आपस में मिलकर इस तरह का हथकंडा अपना रहे हैं। दोनों पार्टियों के बीच मिलीभगत हो चुकी है। मायावती ने गोरखपुर में खाद कारखाना के शुरुआत और एम्स के शिलान्यास पर पीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बने दो साल हो चुके हैं। इतने दिनों बाद प्रधानमंत्री को गोरखपुर की याद क्यों आई। अब जबकि यूपी में चुनाव करीब है तब प्रधानमंत्री ने गोरखपुर का रुख किया।

अपने आगे की रणनीति का एलान करते हुए मायावती ने कहा कि 21 अगस्त को आगरा में महारैली की जाएगी। जिसमें बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच के साठगांठ को सामने लाया जाएगा। आगरा से इसकी शुरआत होगी। जिसके बाद यूपी के अलग अलग हिस्सों में इका आयोजन होगा।

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