वैशाली: भारत बंद समर्थक गुंडों ने नवजात को मार डाला, एंबुलेंस को नहीं दिया रास्ता

वैशाली/बिहार:  भारत बंद का असर देशभर में देखा गया। बिहार भी इससे अछूता नहीं रहा। ये बंद बुलाया तो गया था दलितों-पिछड़ों के लिए। लेकिन देशभर के अलग अलग हिस्सों में जिस तरह की गुंडागर्दी बंद के दौरान की गई उसके बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या यही हैं वो दलित और पिछले जिन्हें SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खतरा महसूस होने लगा है
बिहार में बंद समर्थकों ने पटना सहित राज्‍य अलग-अलग जगहों पर बस, ट्रक, दुकान सबकुछ ठप्प कर दिया। यहां तक कि एंबुलेंस जैसी आपातकाली सेवा को भी नहीं छोड़ा गया। भारत बंद के नाम पर सड़क पर गुंडागर्दी का नंगा नाच करने वाले बंद समर्थक गुंडों ने अपने अहंकार में एक दिन के नवजात की जान ले ली।
ये जघन्य अपराध हुआ है बिहार के वैशाली में। वैशाली के महनार में एंबुलेंस रोके जाने के कारण एक बीमार नवजात की मौत हो गई। वैशाली जिले में सोमवार की सुबह जन्म लिए बच्चे को इलाज के लिए बड़े अस्पलात में ले जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ने दिया। बीमार नवजात को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बंद समर्थकों ने अगर एंबुलेंस जाने दिया होता, तो नवजात की जान बच सकती थी।
मिली जानकारी के अनुसार बीमार नवजात को बेहतर इलाज के लिए एम्बुलेंस से जिल के महिनार पीएचसी ले जाया जा रहा था। जहां जाम के कारण सड़क पर काफी देर तक एम्बुलेंस फंसी रह गई। जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई। इस बाबत एम्बुलेंस के ड्राईवर ने बताया की रास्ते में जगह-जगह सड़क जाम होने के कारण गाड़ी को रोका गया। जिसके कारण समय पर नवजात को पीएचसी नहीं पंहुचाया जा सका। नवजात की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं परिजनों ने बताया की प्रशासन द्वारा मदद नहीं मिल सका, प्रदर्शनकारियों से गुहार करने के बाद भी एम्बुलेंस को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। और प्रशासन के नुमाइंदे सड़क पर गुंडागर्दी कर रहे इन गुंडों के सामने धृतराष्ट्र के समान बेबस बनकर व्यवस्था की चीरहरण करते रहे।
Loading...