सुपौल: इंजीनियर की मनमानी के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी हो रही है, Video

प्रदीप जैन/सुपौल
सुपौल/बिहार:  छातापुर  प्रखंड  के अंतर्गत  उधमपुर पंचायत में 2008 के आये कुसहा त्रासदी के निशान आज भी उधम पंचायत में आसानी से देखे जा सकते हैं । प्रलयंकारी बाढ़ ने पंचायत के  वार्ड नंबर 12 और13  में कई जगह सड़क की हालत बत्त से बत्तर हुई पड़ी है। जिस कारण आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास कर जब कोई बीमार पड़ता है या जब किसी महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो महिला को हॉस्पिटल ले जाना किसी पर्वत चढ़ने से कम नहीं है।

पहले लगभग एक किलोमीटर किसी तरह ले जाते हैं, फिर वाहन मिलता है।  ग्रामीणों ने बताया कि खास कर बरसात में ग्रामीणों का जीवन नर्क के सामान हो जाता है।

मन्टू कुमार ने बताया कई बार जनप्रतिनिधि से लेकर विभागीय अधिकारी को इस समस्या से अवगत कराया गया। मगर आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। बरसों बाद इस सड़क का टेन्डर तय हुआ जो यादव टोला से महादलित टोला हो कर रानी पट्टी नहर तक था। मगर संवेदक व इंजीनियर की मिलीभगत ने उक्त सड़क का निर्माण नहीं करा कर दूसरे सड़क का निर्माण कराया जा रहा है । जिस से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।

ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण कार्य रुकवाया गया तथा जिला पदाधिकारी व अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित रूप में आवेदन दिया गया। लगभग 1 महीने होने के पश्चात भी आज तक विभागीय जांच नहीं कराया गया जिससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर 15 दिन केप अंदर सड़क में कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो हम सब परिवार समेत एसएच 91 पर धरना देंगे।

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