सुपौल: हत्या के दो मामलों में पुलिस के हाथ 36 घंटे बाद भी खाली, ग्रामीणों में आक्रोश

प्रदीप जैन/सुपौल

सुपौल/बिहार:  शुक्रवार को सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में दो हत्या से जुड़़ी घटना में पुलिस के हाथ 24 घंटे बाद भी खाली है। एनएच 327 लछमिनिया टोलटैक्स के समीप मकई खेत में मिली अज्ञात युवक की लाश को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये जरूर भेजा। लेकिन मृत युवक की अबतक शिनाख्त नहीं हो पाई। अलबत्ता पुलिस के साथ लोग भी यह मान रहे कि युवक की अन्य जगह हत्या कर साक्ष्य छुपाने के इरादे से सुनसान जगह देख हत्यारे लाश को फेक भाग निकले।

वहीं त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया के खुर्शीद आलम को घर के निकट ही गोली मार हथियार बंद अपराधी भाग खड़े हुए। हौसले बुलंद होते अपराधियों को पुलिस दो दिन बाद भी तलाश नही पाई जैसी सूचना मिल रही है, उसके मुताबिक खुर्शीद हत्याकांड में केस दर्ज नही की गई है। खुर्शीद हत्याकांड के बाद ग्रामीणों में भारी उबाल आया परिणति यह रही कि बिलंब से पहुंची पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बने की उग्र हजारों की भीड़ ने पुलिस बल पर हमला बोल दिया और पुलिस जीप में तोड़फोड़ कर दी गई।

बैकफुट पर आई पुलिस को अतिरिक्त बल जिले से बुलानी पड़ी। एएसपी त्रिवेणीगंज जितेंद्र चौधरी ने नेतृत्व संभाला। एनएच 327 पर धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों से वार्तालाप द्वारा हल ढूंढ़ने की हरसंभव प्रयास की गई। लेकिन मसला हल नहीं हो पाया। तकरीबन छः घंटे बाद समझाने बुझाने के बाद लोग एएसपी की बात इस आश्वाशन के बाद माने की शीध्र घटना में शामिल हत्यारों को पकड़ेगी। तब जाकर लोगों ने जाम हटाया।

लेकिन शुक्रवार की सुबह 6 बज कर 10 मिनट पर घटित घटना के लगभग 30 घंटे बाद भी पुलिस अबतक किसी निष्कर्ष पर नही पहुंच पायी।पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों के बीच तरह तरह की बातें सामने आ रही है। लोगों को पुलिस कार्यशैली पर संदेह होने लगा है। इस बीच एएसपी ने टास्क फोर्स का गठन कर मामले के उद्भेदन की जिम्मेवारी सौंपी है। देखना है कि मामले का उद्भेदन कब हो पाता है।

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