सुपौल:इंस्पेक्टिंग जस्टिस संजय कुमार ने वीरपुर व्यवहार न्यायालय का किया मुआयना

प्रदीप जैन/सुपौल
सुपौल/बिहार:शनिवार को वीरपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में इंस्पेक्टिंग जस्टिस संजय कुमार ने विभिन्न भावना एवं व्यवहार न्यायालय में किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण से पूर्व अपने निजी कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश नेपाल स्थित सप्तरी जिले के शक्तिपीठ भारत नेपाल सीमावर्ती सखरा मंदिर में पूजा अर्चना की।

अपने निर्धारित कार्यक्रम के समय से 5 घंटा विलंब से इंस्पेक्टिंग जस्टिस वीरपुर व्यवहार न्यायालय पहुंचे जहां गर्मजोशी से विधिक संघ के अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति का स्वागत किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने सब जज के कार्यालय, व्यवहार न्यायालय परिसर में अर्धनिर्मित भवनों को देखा।

इंस्पेक्टिंग जस्टिस के आगमन पर भाव विभोर हुए अधिवक्ताओं ने एक अभिनंदन कार्यक्रम को रखा था। निरीक्षण के बाद जस्टिस इस कार्यक्रम में पहुंचे जहां विधिक संघ के सचिव श्यामानंद मिश्रा ने विधिक संघ की ओर से एक मांग पत्र पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि व्यवहार न्यायालय वीरपुर में सत्र वादों की बहुलता को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना कराई जाए जिसके लिए भवन उपलब्ध हैं। अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय वीरपुर के क्षेत्राधीन किशोर न्याय परिषद की स्थापना कराई जाए।

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी वीरपुर को सत्रवाद विचारण के लिए सहायक सत्र न्यायाधीश की शक्ति प्रदान करवाई जाए और निर्मली अनुमंडल से संबंधित अधिकार वादों की अभिलेख अवर न्यायाधीश वीरपुर के न्यायालय में स्थांतरित कराई जाए। मांग पत्र पढ़ने के बाद विधिक संघ के अध्यक्ष लखन किशोर मल्लिक के द्वारा न्यायमूर्ति संजय कुमार को मिथिला रिवाज के अनुसार साल और पाग पहनाकर सम्मानित किया गया।

आगे अधिवक्ताओं ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि बलुआ थाना क्षेत्र जो त्रिवेणीगंज अनुमंडल में पड़ता है मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी होने के कारण वहां के लोगों को त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय जाने में काफी परेशानी होती है जबकि बलुआ थाना क्षेत्र की दूरी वीरपुर अनुमंडल मुख्यालय से मात्र 12 किलोमीटर है इस दिशा में आवश्यक पहल करते हुए बलुआ थाना क्षेत्र के विभिन्न वादों की सुनवाई वीरपुर व्यवहार न्यायालय में करवाई जाए।

कहा गया कि यदि इस कार्य को अभी से शुरू करवा लिया जाए तो सभी काम 15 दिनों से एक महीने में शुरू किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति संजय कुमार ने अधिवक्ताओं का अभिवादन करते हुए कहा कि यह सभी मांगे पूर्व में ही मांगी जानी चाहिए। अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय बीरपुर के क्षेत्र आधीन किशोर न्याय परिषद की स्थापना को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया और बताया कि शेष के लिए विचार किया जाएगा।

इस मौके पर जिला न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद पांडेय, एसीजेएम अभिषेक रंजन, वीरपुर एसडीएम सुभाष कुमार, वीरपुर एएसपी रामानंद कुमार कौशल, एसडीजेएम कन्हैया लाल यादव, मुंसिफ लाल बहादुर प्रसाद, क्लास वन जज विभूति भूषण समेत विधिक संघ के सचिव श्यामानंद मिश्र, अध्यक्ष लखन किशोर मल्लिक, बैद्यनाथ लाल, किशन प्रसाद यादव, जीवानंद मिश्र, अनिल कुमार महतो, प्रभाकर सिंह, कौशलेंद्र कंठ, केशव कुमार सिंह, अशोक खेड़वार, रामचंद्र मेहता, लक्ष्मी रान, विपिन वर्मा, जकिल अहमद, अशोक झा, मिथलेश कुशवाहा, सिकंदर आलम आदि दर्जनों अधिवक्ता मौजूद थे।

Loading...