सुपौल: सामाजिक कार्यकर्ता ने रोका बाल विवाह लेकिन पुलिस कन्नी काट गई

प्रियांशु आनंद/सुपौल

सुपौल/बिहार:  बीती रात  मंगलवार को त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र  के औरलाहा महादलित टोला में एक संस्था के द्वारा बाल बिबाह को रोका गया। चूंकि शादी की सारी तैयारी पूरी कर ली गयी थी। इसीलिए काफी मशक्कत के बाद विवाह को रोका गया। ग्राम विकास परिषद की हेमलता पांडे ने बताया कि उसे पुलिस का सहयोग नहीं मिलने से काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा।  ग्राम विकास परिषद की हेमलता पांडे की संस्था को सूचना मिली थी की औरलाहा पंचायत के वार्ड नंबर 6 निवासी इदो सादा अपनी पुत्री गीता की शादी करवा रहा है।

चूकि शादी की सारी तैयारी पूरी हो चुकी थी। बारात भी अररिया जिले के फारबिसगंज से निकल चुका था। इसकी भनक सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता पांडे को लगते ही आनन फानन में विवाह स्थल पर पहुंच शादी रोकने का प्रयास करना प्रारंभ कर दी। लड़की के परिवार वालों द्वारा राशन कार्ड दिखाया गया जिसके आधार पर लड़की का उम्र 14 साल थी।

वहीं आधार कार्ड के आधार पर लड़की की उम्र 17 वर्ष 2 महीना  12 दिन थी। लड़की पक्ष द्वारा शादी रोकने के लिए तैयार नहीं होने पर और सामाजिक वातावरण को देखकर सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी गई । पुलिस भी मौके पर पहुंची ।लेकिन वहां से सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता पांडे को स्थल पर पहुंची पुलिस  द्वारा कहा गया कि अभी हम गश्ती पर हैं अगर आपको किसी भी प्रकार की कोई परेशानी होगी तो आप हमें काॅल कर दीजिएगा।

ये बातें विवाह स्थल पर पहुंच पुलिस की तरफ से कही गई। लेकिन आरोप ये है कि पुलिस की तरफ से उस नाबालिग लड़की की शादी को रोकने के लिए किसी भी तरह की कोशिश नहीं की गई, और पुलिस वहां से चली गई। बाबजूद  सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता पांडे और इनके साथी के अथक प्रयास के बाद परिजनों द्वारा बारात को आधे रास्ते से वापस कर शादी रोका  गया ।

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