बिहार का सिमुलतला स्कूल है टॉपर्स की खान, जानिये स्कूल की खासियत

पटना:  बिहार बोर्ड ने 10वीं के नतीजे गुरुवार को जारी कर दिये। हलांकि नतीजे को संतोष जनक नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसमें आधे छात्र फेल हो गए हैं। 10वीं की बोर्ड में इसबार 50.12 फीसदी छात्र पास हुए हैं। हलांकि जो रिजल्ट आया है उसमें से केवल 14 फीसदी बच्चों को फर्स्ट डिवीजन मिला है। लेकिन इस रिजल्ट के बाद बिहार के जमुई में बना एक स्कूल चर्चा में आ गया है। ये स्कूल जमुई के समुलतला में है। जहां से इसबार टॉप 10 में 6 बच्चे शामिल हैं।

यही वजह है कि सिमुलतला स्कूल को टॉपर्स की फैक्ट्री कहा जाने लगा है। बिहार के जमुई में आबादी से दूर बना ये स्कूल है। घने जंगलों के बीच इस स्कूल की स्थापना 9 अगस्त 2010 को हुई थी। इस स्कूल में कक्षा 6 में दाखिला होता है। जिसमें कुल सीट्स 60 होती हैं। यहां एडमिशन के लिए लिखित परीक्षा पास करनी होती है। ये परीक्षा बिहार बोर्ड की तरफ से लिया जाता है।

अगर यहां पढ़ने वाले छात्रों की रोजाना की रूटीन के बारे में बात करें तो यहां छात्रों की सुबह की शुरुआत सुबह 4.30 बजे से होती है। सुबर एक्सरसाइज और प्रार्थना के बाद आठ बजे से दिन के दो बजे तक बच्चे स्कूल में पढ़ाई करते हैं। इसके बाद बीच में ब्रेक दिया जाता है। फिर शाम के साढ़े 6 बजे से रात के साढ़े 9 बजे तक छात्रों के पढ़ाई का वक्त होता है। रात 10 बजे छात्र सोने के लिए चले जाते हैं। पढ़ाई में अगर छात्रों को किसी तरह की दिक्कत आती है तो उसे दूर करने के लिए टीचर मौजूद रहते हैं।

स्कूल में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कराई जाती है। छात्रों को एनसीईआरटी और बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक से पढ़ाई कराई जाती है।

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