सहरसा:रूपवती कन्या उच्च /मध्य विद्यालय की बदत्तर स्तिथि से छात्राओं का स्कूल आना खतरे को न्योता देने के बराबर

गौतम कुमार/सहरसा
सहरसा/बिहार:बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा तो शहर वासियों को खूब सुनने को मिलता है लेकिन इसकी पीछे की सच्चाई जब सामने आती है तब पता चलता है कि ये तो सिर्फ कहने की बाते है।इसे आम जनता तो समझ रहे है लेकिन हमारे प्रशासन हो इसे समझ नही पाते है।

ऐसी ही हालात से सहरसा का रूपवती कन्या उच्च /मध्य विद्यालय जूझ रहा है।जिसका दिनेश चंद्र यादव जी के कोष से निर्माण तो किया गया जहां बेटियां का ज्ञान बढ़ सके और हमारा देश का विकास हो सके ।लेकिन स्कूल के पास की स्तिथि बद से बदत्तर बनी हुई है।

एक तरफ ट्रांसफार्मर के झूलती तारो से खतरा बनता है तो एक तरह गंदगी के कारण बीमारी का खतरा तो वही एक तरफ पास में बने सार्वजनिक मूत्राशय की बदबू से जीना दूभर हो गया है। ऐसे में छात्राओं का स्कूल आ कर पढाई करना खतरे को न्योता देने जैसा हो गया है।

ऐसी स्थिति काफी समय से बनी है लेकिन प्रशासन की नजर मानो इसपर कभी पड़ी ही नही थी।और जिसका नतीजा छात्राओं को भुगतना पड़ता है।

Loading...

Leave a Reply