सहरसा:अब रोटी बैंक की मदद से कोई गरीब नही सोयेगा भूखा

गौतम कुमार/सहरसा
सहरसा/बिहार:आज न जाने कितने लोग रात में भूखे सोते है तो न जाने कितनों की भूख के कारण मौत भी हो जाती है।अगर कोई आपसे भूखा हूँ कहकर पैसे मांगता है तो हम सोचते है क्या ये कमाकर नही खा सकता या फिर इसके परिवार नही खिला सकते है?

ऐसी ही कुछ सवाल खड़ा तो जरूर होता है लेकिन इससे उसकी कोई मदद नही हो पाता है।लेकिन बिहार के सहरसा जिला के कुछ युवाओं ने खोला है रोटी बैंक जिसके जरिये भूखे को भोजन के साथ साथ रोजगार भी मिल सकेगा।

विगत 24 जून 2018 से सहरसा में रोटी बैंक की शुरुआत की गयी।ये सोच शिवपुरी मोहल्ले में रहने वाले अभिजीत आनंद के मन में आई जिस नेक काम को अपने मित्रों के साथ मिलकर उन्होंने सफल बनाया। हालांकि अभिजीत माध्यम परिवार से ही तालुकात रखते है लेकिन उनके और उनके मित्रो के साहस ने इस कार्य को सफल बना दिया।

शुरुवात में ये मोहल्ले के कुछ घरों से बचा हुआ खाना लेकर भूखे गरीबो के बीच बांटते थे जिसके बाद इनका साहस का दायरा बढ़ता गया।और फिर इनलोगों ने होटल वालों से संपर्क साधा और धीरे–धीरे कार्यक्षेत्र का दायरा भी बढ़ गया।और साथ ही सदस्यों का भी इजाफा हुआ।

अब रोटी बैंक का दायरा इतना फ़ैल चूका है कि सदस्यो द्वारा भूखे गरीब को खोज कर खिलाया जाता है।और भोजन सुद्धता महत्वपूर्ण मानते हुए गुणवत्ता जाँच कर ही वितरण करते है।बिहार में रोटी बैंक दरभंगा और सहरसा में ही कार्यरत है ।

इस रोटी बैंक में अभिजीतआनंद,राहुल गौरव, मुकुंद माधव मिश्रा,रौशन कुमार भगत,सचिन प्रकाश,नीरज कुमार,अजय कुमार,सुमित कुमार,मोहम्मद अफरोज, राजन शर्मा,मोहम्मद अजहरुद्दीन,मुकुंद झा,रवि रंजन,आदित्य आनंद,पीयूष रंजन,राहुल रत्न,पंकज रवि रंजन,आदित्य आनंद,पीयूष रंजन,विवेक सिंह,पंकज कुमार,कुमार,कुंदन भारती,विवेक सिंह,आशुतोष झा,रौशन झा,अंजीवसिंह,लक्ष्मण कुमार रितेश हन्नी वर्मा और संकेत सिंह सहित सैकड़ों की तायदाद में सहरसा जिले की मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं बड़ी भागीदारी है।

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