सहरसा: मांझी सीएम बने तो शराबंदी में बदलाव करेंगे ‘विधायक, नेता मंत्री सब शराब पीते हैं’

गौतम कुमार/सहरसा

सहरसा/बिहार:  सहरसा में जिला परिसर में आयोजित जिला सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान जीतन राम मांझी ने शराब बंदी कानून पर जोरदार प्रहार किया। शराब बंदी कानून को गलत बता कर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राज्य में मेरी सरकार बनेगी, तो वो शराब बंदी कानून में बदलाव करेंगे।
क्या कहते है पूर्व मुख्यमंत्री मांझी
राज्य सरकार द्वारा 2016 में शराब बंदी को लागू करने के लिए जो प्रावधान किए गए । वो सफल नहीं हो पा रहा है। इस शराबबंदी से ज्यादातर गरीब तबके के लोग पीड़ित हो रहे हैं। शराब की लत से इस कदर ग्रषित हैं कि वो मनमाने दाम पर भी शराब ख़रीदने को राजी हो जाते हैं। आज जेल में शराब पीने के जुर्म में पकड़े गए अपराधियो में सबसे ज्यादा संख्या गरीबो की है । क्योंकि उनके पास छूटने के लिए पैसे नहीं हैं।

आज अगर जितने विधायक, मंत्री व नेता का ब्रेथ अनेलिज़ेर से टेस्ट किया जाये तो उनके शराब पीने की पुष्टि हो जाएगी। सत्ता में आने के बाद उनके द्वारा कानून में बदलाव कर जेल से निकाला जाएगा। आज़ादी के बाद 80 प्रतिशत लोग गरीब हैं लेकिन सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। उन्होंने कहा कि अगर वो गरीबों की बात करते हैं तो उन्हें पागल कहा जाता है।
8 अप्रैल को पटना में गरीब महा सम्मेलन
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे मोदी जी के बहुत बड़े प्रशंसक थे । लेकिन जीतन राम मांझी द्वारा नरेंद्र मोदी से आरक्षण, न्यायपालिका में आरक्षण और सामान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गयी थी। लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने 8 अप्रैल को गरीब महासम्मेल में लोगों से भाग लेने की अपील की। सम्मेलन के माध्यम से भूमिहीन, बेरोजगार, किसान, ठेका मजदूर अथवा अन्य समस्याओं से निजात दिलाने की शुरुआत की जायेगी। वहीं उन्होंने नियोजिन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश को गलत बताया।

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