सहरसा: संस्कृत उच्च विद्यालय की ऐसी हालत शिक्षा व्यवस्था पर कलंक है

गौतम कुमार/सहरसा

सहरसा/बिहार:  सहरसा महिषी मण्डन भारती संस्कृत उच्च विद्यालय की वर्तमान स्तिथि काफी दयनीय अवस्था में है। अब यहां ना तो नियमित रूप से पढ़ाई होती है और ना ही समय पर परीक्षा लेकर डिग्री देने के काबिल बची है । अगर आज विद्यालय की ये अवस्था है, तो इसका जिम्मेवार पूर्ण रूप से शिक्षा विभाग ,जिला प्रशासन और बिहार सरकार है।

ये कोशी का एक मात्र संस्कृत विद्यालय है ।कोशी युवा एकता महिषी के अध्यक्ष गणेश चौधरी उर्फ़ सन्नी सरकार  द्वारा कई बार इस विद्यालय का जीर्णोद्धार करवाने की मांग भी की गयी। मगर बिहार सरकार द्वारा इस विषय पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

गणेश चौधरी ऊर्फ सन्नी सरकार का कहना है कि अगर आज राजकीय संस्कृत उच्च विधालय भवन की महादुर्गति, शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति ,पठन-पाठन व्यवस्था में कक्षा कार्य की पूर्णतः बंदी है तो संस्कृत शिक्षा के प्रति सौतेले व्यवहार का एक मात्र कारण शिक्षा विभाग और बिहार सरकार है।

 

सन्नी सरकार कहते हैं कि 15 साल से विद्यालय की जर्जर अवस्था है। पर आज तक किसी की नज़र नहीं पड़ी। इस विषय पर हमने कई बार आवेदन दिया पर किसी के द्वारा किसी भी प्रकार का आश्वाशन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर इस पर सरकार की नज़र नहीं पड़ी तो हम कोशी युवा एकता आंदोलन करेंगे।

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