MAHESH MANDAL SRIJAN

भागलपुर सृजन घोटाले में कैसे खुलेंगे बड़े राज, महेश मंडल की तो मौत हो गई

भागलपुर सृजन घोटाले में कैसे खुलेंगे बड़े राज, महेश मंडल की तो मौत हो गई

पटना:  बिहार के भागलपुर के सबौर में हुए सृजन एनजीओ घोटाले में अहम आरोपी की मौत हो गई है। सीबीआई ने महेश मंडल नाम के आरोपी को पिछले रविवार यानि 13 अगस्त को गिरफ्तार किया था। लेकिन भागलपुर के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। महेश मंडल के पास इस घोटाले से जुड़ कई अहम जानकारी थी। क्योंकि एनजीओ लेखा जोखा उसी के पास होता था। लेकिन अब उसकी मौत के बाद वो जानकारी नहीं मिल सकेगी। महेश मंडल कल्याण विभाग में कार्यरत था।

महेश मंडल की किडनी खराब बताई जा रही है। महेश मंडल का इलाज भागलपुर के मायागंज अस्पताल में चल रहा था। उसे हर तीन दिन में डायलेसिस करवाना पड़ता था। महेश को कैंसर भी था। महेश मंडल समेत पुलिस ने इस मामले में अबतक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

भागलपुर का सृजन घोटाला साढ़े नौ सौ करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। आरजेडी प्रमुख लालू यादव सृजन घोटाले में बिहार के सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी जिम्मेदार मान रहे हैं। उन्होंने दोनों से इस्तीफा भी मांगा है। इस मामले पर बिहार विधानसभा में भी हंगामे के आसार हैं। क्योंकि विपक्ष सृजन घोटाले को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है।

बिहार में भागलपुर के सबौर प्रंखंड में सृजन नाम का एनजीओ है। जिसकी शुरुआत 1996 में महिलाओं को काम देने के मकसद से शुरु किया गया था। इसकी शुरुआत मनोरमा देवी ने की थी। ये घोटाला तब सामने आया जब 10 करोड का सरकारी चेक तीन अगस्त को बाउंस हो गया।  जब इसकी जांच की गई तो पता चला फर्जी दस्तखत के जरिये बैंक से सरकारी पैसा निकालकर एनजीओ के खाते में डाला गया था। जिसके बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरु की। इस मामले में अबतक 10 लोगों को गिरप्तार किया जा चुका है। जिनमें से इसकी अहम कड़ी महेश मंडल की मौत हो चुकी है।

मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरु कर दिया। विपक्ष सरकार पर हमलावर था। पिछले दिनों लालू के बेटे तेजस्वी यादव अपने भागलपुर दौरे पर भी सृजन घोटाले को लेकर सरकार पर हमलार थे। विपक्ष की तरफ से इसकी सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। जिसके बाद राज्य सरकार ने सृजन घोटाले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी।

सृजन में पैसों के हेराफेरी की शुरुआत 2009 से हुई। जिसमें मनोरमा देवी का नाम सामने आ रहा था। मनोरमा देवी की मौत इसी साल फरवरी में हो गई। उनकी मौत के बाद एनजीओ की मौजूदा सचिव उनकी बहु प्रिया कुमार हैं। जो अब फरार चल रही हैं। आरोप है कि एनजीओ की आड़ में सरकारी पैसों को बाजार में लगाकर करोड़ों का मुनाफा कमाया जा रहा था।

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