पुर्णिया यूनिवर्सिटी में कुलपति का पहला दिन ‘लोगों ने बताया काला पानी मिल गया’

नीरज झा/पुर्णिया
पुर्णिया/बिहार:  बुधवार को पुर्णिया कॉलेज का नजारा (माफ कीजिए अब तो पूर्णिया विश्वविद्यालय बन चुका है लेकिन आदत हो गई थी) और चहल कदमी बहुत कुछ बयां कर रही थी। हो भी क्यों नहीं । नए विश्वविद्यालय के नए कुलपति पदभार ग्रहण कर कैंपस का जायजा लेने पहली बार जो पहुचने वाले थे।
‘लोगों ने कहा काला पानी में जा रहे हो, लेकिन पूर्णिया में कुछ बात तो है, भारत के नंबर एक विश्वविद्याय से हूं, पूर्णिया विश्वविद्यालय को भी नंबर वन करुंगा।’
पूर्णिया विश्वविद्यालय को राज्यस्तरीय ही नहीं विश्वस्तरीय बनाऊंगा। उसके लिए छात्र शिक्षक व सरकार का सहयोग चाहिए। उपरोक्त बातें  अपने पहले प्रेस संबोधन में पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कही। कुलपति ने कहा कि चुनौतियां  ज्यादा हैं और समय कम है। तीन साल में कम से कम इसका स्वरुप तो बना ही दूंगा।
सबसे पहले मैं सत्र को नियमित करुंगा। उसके बाद परीक्षा में पारदर्शिता लाऊंगा। ये मैं सिर्फ बातें नहीं कर रहा हूं। पूर्व में भी मैं कर चुका हूं।  ऐसा माहौल व कोर्स की शुरुआत की जायेगी ताकि छात्र सिर्फ डिग्री ना ले, जॉब ले, आत्मनिर्भर बने। वहीं मेरी कोशिश रहेगी की विदेशों से भी शिक्षकों को बुलाऊं। ताकि बच्चे क्वालिटी के साथ विदेशों की भी शैक्षणिक माहौल से रुबरु हों।
पुर्णिया यूनिवर्सिटी में अभी 48 पोस्ट हैं। इसके लिए मैं बीएनएयू के कुलपति डॉ एके राय से मिलकर छात्र, कॉलेज व स्टाफ की जो भी समस्या है उस पर बात करुंगा। वहीं नये कुलपति का स्वागत पूर्णिया कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजीव कुमार, प्रो. (डॉ) गौरीकांत झा, डॉ इस्तियाक अहमद ने गर्मजोशी से किया।
बीएचयू को बनाया नंबर वन
पुर्णिया यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि बीएचयू को देश का नंबर एक संस्थान सभी के सहयोग से बनाया है। इसके लिए 2007 में सर्वे कराया गया था। देश के 800 कॉलेजों ने भाग लिया था। जिसमें मात्र 150 कॉलेज ने क्वालिफाई किया था। सर्वे का रिजल्ट जब 2010 में आया तो इंडिया टूडे मेग्जीन ने ही बीएचयू को देश का नंबर वन यूनिवर्सिटी घोषित किया। सर्वें में छह परामीटर पर अंक दिया था। उसके लिए कॉलेज को तैयार किया गया था। सभी लोगों की सहभागिता थी। ये बात यहां भी मुमकिन है। बीएचयू में अभी 1800 कोर्सेस है। जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय में 350 कोर्स है। जबकि बीएनएमयू में मात्र 20-25 कोर्स उपलब्ध हैं।
अगले पेज पर जाने के लिए नीचे स्क्रॉल करें
Loading...