ग्रामीणों को अपनी कोशिश से मिली कामयाबी, सरकार तो सुन ही नहीं रही थी

प्रियांशु/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  पूर्णिया पूर्व प्रखंड क्षेत्र के चांदी पंचायत अंतर्गत चांदी कठुआ गांव की ये दो तस्वीरें दो विभागों को मुंह चिढ़ाती नजर आती है। एक तो जल संसाधन विभाग की लापरवाही की तस्वीर है कि नहर में पानी नदारद तो दूसरी ओर ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों के आवागमन के लिए आजतक कोई पहल नहीं की गई। पिछले कई वर्षों से ग्रामीणों द्वारा संबंधित विभाग से नहर पर पुल निर्माण कराने की मांग की जा रही है।

लेकिन कई वर्ष बीतने के बाद भी आजतक चांदी कठुआ के ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। साथ ही जल संसाधन विभाग की लापरवाही के कारण नहर में कभी पानी ग्रामीणों ने देखा ही नहीं। हां ये अलग बात है कि बरसाती दिनों में नहर उफनने लगती है और लोग चचरी पुल से जान जोखिम में डालकर ही आवागमन करते हैं। यहां बता दें कि चांदी कठुआ गांव के ग्रामीणों के ज्यादातर खेत नहर के दूसरी तरफ स्थित है।

यहां सरकार हार गई ग्रामीण जीत गए

पुल की दूरी अत्यधिक होने के कारण इनलोगों को खेत से फसल लाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही कारण है लोग जुगाड़ तंत्र का सहारा लेकर नहर पर ही चचरी पुल का निर्माण कर तत्काल आवागमन बहाल कर अपना काम निकाल रहे हैं। वहीं बारिश होने के बाद नहर में पानी आ जाने के बाद स्थिति भयावह हो जाती है और ग्रामीणों को परेशानी से दो चार होना पड़ता है। फिलहाल ग्रामीणों ने आवागमन के लिए आपस में चंदा इकट्‌ठा कर बांस चचरी पुल का निर्माण किया है।

लेकिन इस पुल के माध्यम से वाहनों का परिचालन नहीं हो पाता है। सिर्फ पैदल ही ग्रामीण आ जा सकते हैं और अपनी फसलों को भी सिर पर ढोकर ही आते हैं। इस समस्या के निदान के लिए कई बार ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन को भी पत्र व मौखिक रूप से आगाह किया लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर ही है। ग्रामीण संतोष मेहता ने बताया कि पुल नहीं रहने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। खेत से फसल को लाने में ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है। अगर पुल का निर्माण हो जाता है तो बेशक उन्हें काफी राहत मिलेगी। वहीं ग्रामीण विनोद मेहता व उपेंद्र मेहता कहते हैं कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया है लेकिन आश्वासन के सिवाए कुछ भी हासिल नहीं हुआ। ग्रामीण भैरव मेहता बताते हैं कि यह हमलोगों के लिए बड़ी समस्या बनकर रह गई है। इसका समाधान जल्द से जल्द होना ही चाहिए।

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