हैंड ओवर और टेक ओवर के चक्कर में पूर्णिया की जनता प्यासी रह गई

नीरज झा/पूर्णिया

पूूर्णिया/कसबा/बिहार:  कसबा नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा लगभग एक करोड़ की राशि फूंके जाने के बाद भी नगरवासियों के घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई है। पेयजल आपूर्ति के लिए नगर पंचायत ने बड़े तामझाम के साथ कई जगहों पर पाइप लाइन भी बिछा दिया। मगर दो विभाग के हैंडओवर व टेक ओवर के चक्कर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति का यह मामला कई सालों से अटका हुआ है।

हद तो यह है कि भले ही किसी घर में पीने के शुद्ध पानी की आपूर्ति नहीं हो रही हो लेकिन हर साल विभाग द्वारा लाखों रुपए के बिजली बिल का भुगतान जरूर किया जा रहा है। नगर पंचायत में तैयार किया गया जलमिनार आज भी महज शोभा की वस्तु ही बनी है। जलमिनार में पानी आपूर्ति के लिए तीस एचपी का मोटर लगाया गया है ताकि सुचारु ढंग से पेयजल की आपूर्ति की जा सके।इसके अलावा पूरे नगर पंचायत में लंबी पाइप लाइन बिछाई गई ताकि हर एक इलाके के घरों में शुद्ध पानी की आपूर्ति की जा सके।

करोड़ों की लागत से बनने वाली इस योजना की शुरुआत 2008-09 में हुई और इसको बनाने वाले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने इस योजना को 2011-12 में पूरा भी कर दिया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा इस योजना को पूरा करने के बाद जब इसके संचालन के लिए नगर पंचायत को सौंपने की कार्रवाई शुरू हुई तो नगर पंचायत ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि इसके संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उसके पास नहीं है।

यह मामला 2012 से शुरू होकर यथावत बना हुआ है। इसके बाद दोनों विभागों की ओर से तीन दर्जन बार से ज्यादा पत्राचार भी किया गया लेकिन मामला यूं ही आज तक अटका पड़ा है। नगर पंचायत के अधिकारी यह कहने लगे हैं कि अब जल्द ही इस मामला को सलटा लिया जाएगा। इस मामले को सुलझाने के लिए कई बार जिलाधिकारी स्तर से भी हस्तक्षेप किया गया मगर इस समस्या का कोई हल नहीं निकाला जा सका। नगर पंचायत ने संसाधन उपलब्ध कराने को लेकर नगर विकास विभाग को भी कई बार पत्र भेजा लेकिन इस मामले में अबतक विभाग द्वारा कोई सार्थक पहल नहीं की गई है। इस सबंध में नगर कार्यपालक पदाधिकारी स्नेह पयोधर ने कहा कि पीएचईडी द्वारा हैंड ओवर नहीं किया गया है इस कारण जलमिनार की सुविधा आमजनों तक नहीं पहुंचाई जा रही है।

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