पुर्णिया: दशक बीत गए लेकिन मंझली चौक से सरस्वती नगर प्रधान टोली के बीच सड़क नहीं बनी

नीतीश कुमार/पुर्णिया
पुर्णिया/बिहार:  नगर निगम अंतर्गत वार्ड नंबर 03 व 05 अंतर्गत मंझली चौक से सरस्वती नगर प्रधान टोली को जाने वाली सड़क पिछले कई दशकों से जर्जर स्थिति में है। लेकिन हजारों की आबादी के सामने सुविधा के नाम पर अबतक सिर्फ आश्वासन ही परोसा जा रहा है। हालांकि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों व सामान्य एकता समिति के अध्यक्ष सोनी सिंह ने 2014 से ही नगर निगम में आवेदन देने का सिलसिला शुरू कर दिया। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सकी है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
खासकर बरसाती दिनों तो यह पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है और लगता ही नहीं है कि यह शहरी क्षेत्र है। क्षेत्र के नीरज क्रांति, राजू सिंह, ज्योति भारती, बबिता देवी, शकील समेत कई अन्य लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण को ले सीएम नीतीश कुमार, सांसद संतोष कुशवाहा, विधायक लेशी सिंह, विजय खेमका, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, सचिव नगर विकास विभाग को भी आवेदन दिया गया है। लेकिन नतीजा सिफर है। जिससे इस क्षेत्र की बड़ी आबादी व इस सड़क से होकर प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
फरवरी 2017 में ही दिया गया था नापी का आदेश
बता दें कि इस सड़क निर्माण को लेकर फरवरी 2017 में पूर्व नगर आयुक्त सुरेश चौधरी ने सरकारी अमीन को नापी कराने का आदेश दिया था। लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा टैक्स लिए जाने के बाद भी उन्हें अब तक सड़क की सुविधा नहीं दी गई है। जबकि विकास कार्य के बड़े बड़े वायदे किए जाते हैं। वार्ड नंबर 03 की वार्ड सदस्य सविता देवी व वार्ड नंबर 05 की वार्ड सदस्य प्रतिमा कुमारी ने भी सड़क निर्माण को ले अपनी सहमति दे दी है। लेकिन नगर निगम की लेटलतीफी के कारण जहां नापी के बाद कार्य लंबित है। वहीं आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो वार्डों के बीच है सड़क
इस सड़क की स्थिति कुछ ऐसी है कि इसके दोनों तरफ वार्ड नंबर 03 और 05 है और इसके अलावा वार्ड नंबर 15 और 04 को भी यह सड़क जोड़ती है। इन वार्डों की हजारों की आबादी समेत महादलित बस्ती के लोग पिछले कई दशकों से प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इन वार्डों के वार्ड पार्षदों के द्वारा भी प्रयास किए गए लेकिन निर्माण कार्य के नाम पर कुछ खास प्रगति नहीं हो सकी है।
कब कब हुआ धरना प्रदर्शन
इस सड़क निर्माण को लेकर वर्ष 2014 से मोर्चा खोल चुके सोनी सिंह कहते हैं कि सड़क निर्माण को लेकर 22 अगस्त 2014 को नगर निगम के मेयर व नगर आयुक्त को आवेदन दिया गया था। इसके बाद 20 फरवरी 2015 को अनुमंडल पदाधिकारी, 17 मार्च 2015 को मेयर को आवेदन दिया गया था जिसके बाद नगर आयुक्त ने जेई द्वारा निरीक्षण कराकर अगली कार्रवाई का दिया था निर्देश, 01 अप्रैल 2016 को मेयर को आवेदन, 02 अप्रैल को पथ निर्माण विभाग को आवेदन, 05 अप्रैल 2016 को जिलाधिकारी को आवेदन, 28 अप्रैल 2016 को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देने के अलावा सीएम, डीएम, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव, जनप्रतिनिधि समेत तमाम पदाधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। सोनी सिंह कहते हैं कि 19 मार्च 2018 को डीडीसी सह नगर आयुक्त को भी आवेदन दिया गया है और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बेशक क्षेत्र के लोग भूख हड़ताल करने को विवश होंगे।
एक सप्ताह के अंदर समर्पित करें रिपोर्ट
डीडीसी सह नगर आयुक्त रामशंकर ने कहा सड़क की समस्या को देखते हुए अमीन को एक सप्ताह के अंदर जमीन की नापी कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद उक्त सड़क निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
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