पूर्णिया: बदहाल पशु चिकित्सालय में कोई सुविधा नहीं

नीरज झा/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को दूध व्यवसाय से जुड़ने के लिए तरह तरह के कार्यक्रम चला रही है तो दूसरी ओर पशु चिकित्सालय की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। गव्य विकास विभाग द्वारा दुधारू पशु खरीदने के लिए लाभुकों को लोन तक की सुविधा दी जा रही है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा पशुओं को रखकर दूध व्यवसाय से जुड़ें। लेकिन  कसबा प्रखंड मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है।

क्षेत्र के पशुपालक ग्रामीण निजी पशु चिकित्सकों के हाथों लुटने को मजबूर हैं। ऐसी बात नहीं है कि इस चिकित्सालय में चिकित्सक की पोस्टिंग नहीं है लेकिन किस दिन और किस समय आएंगे या नहीं आएंगे यह कहना थोड़ा मुश्किल जरूर होता है। एक भ्रमणशील चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में डॉ चंद्रशेखर आजाद एवं ऑपरेटर के रूप नागेंद्र विश्वास की पोस्टिंग है। हद तो तब हो गई जब ऑपरेटर को पशु चिकित्सालय के खुलने एवं बंद होने का समय भी नहीं मालूम है।

इनसे समय के बारे में जानकारी प्राप्त करने पर बताया कि मुझे खोलने और बंद होने का समय नहीं मालूम लेकिन मैं सुबह 9:00 बजे आता हूं 4:30 बजे चला जाता हूं। मेरा काम कम्प्यूटर  से संबंधित है। पशुपालकों ने बताया कि पूर्व में कई वर्षों तक एक जोगेंद्र ठाकुर नामक एक रात्रि प्रहरी के रूप में थे। वे ही हम लोगों के पशुओं की चिकित्सा करते थे लेकिन पिछले दो वर्ष पूर्व उनके सेवानिवृत्त हो जाने के कारण अब हमलोग ग्रामीण पशु चिकित्सक से अपने पशुओं की चिकित्सा कराने को मजबूर हैं।
पहले हमलोगों को पशु चिकित्सालय से दवा के साथ कैल्शियम एवं सिमिन्स भी काफी सस्ती दर पर मिल जाती थी। लेकिन अब हम पशुपालक भूल ही गए कि कसबा में सरकारी चिकित्सालय भी है। पशुपालकों ने बताया कि मामूली रूप से भी पशुओं के बीमार पड़ने पर ग्रामीण पशु चिकित्सक से चिकित्सा कराने में हजार रुपए का बिल बना देते हैं। इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ चंद्रभूषण मिश्र से पूछे जाने पर बताया कि पूरे जिले में पशु चिकित्सक के साथ अन्य कर्मियों की कमी है। जिसकी रिक्तियां विभाग को भेज दी गई है।

उन्होंने बताया कि कसबा स्थित पशु स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी एवं एक भ्रमणशील चिकित्सा पदाधिकारी, एक ऑपरेटर एवं दो चतुर्थवर्गीय कर्मचारी का पद स्वीकृत है लेकिन वर्तमान में एक भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं एक ऑपरेटर कार्यरत हैं। टीकाकरण पर पूछने पर बताया कि दवा का अभाव है। अगले आदेश तक दवा उपलब्ध हो जाने पर टीकाकरण का कार्य  शुरू किया जाएगा।

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