छात्रसंघ चुनाव में पूर्णिया कॉलेज किसी का भी खेल बना और बिगाड़ सकता है

छात्रसंघ चुनाव में पूर्णिया कॉलेज किसी का भी खेल बना और बिगाड़ सकता है

नीरज झा/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार: छात्र संघ चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, छात्र संघ नेताओं की के दिलों की धड़कन तेज होती जा रही है। बात अगर पूर्णिया कॉलेज की हो तो इतिहास में हर छात्र संगठन अपना नाम दर्ज करवाना चाहता है। क्योकि विश्वविद्यालय बनने के बाद पहली बार चुनाव में छात्र मतदाता के रुप में मत का इस्तेमाल कर अपना नेता चुनेंगे।
पूर्णिया कॉलेज में 7 हजार से ज्यादा मतदाता है। वहीं जिसमें 2015-16, 16-17, 17-18 के बैच के छात्र व छात्रा शामिल है। पूर्णिया विश्वविद्याय छात्र संघ चुनाव नाक की लड़ाई साबित हो सकती है क्योंकि इस चुनाव में जीत का मतलब है विश्वविद्यालय में जीत। इसी को लेकर पूर्णिया कॉलेज में एक मीटिंग रखी गई थी। जिसमें छात्र संघ चुनाव से संबंधित हर विन्दुओं पर बात रखी। मीटिंग में कॉलेज के प्रचार्य डॉ संजीव कुमार, डॉ गौरीकांत झा, डॉ श्याम कुमार, डॉ शब्बीर अहमद व अन्य सदस्य मौजूद थे।
इन पदों पर होना है चुनाव
छात्र संघ चुनाव में कुल छह सीटों पर छात्र संघ अपने प्रत्याशी खड़े करेंगे। जिसमें अध्यक्ष,उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष व कौंसिल मेंबर की चुनाव होगा। मतलब प्रत्येक छात्रों को छह प्रत्याशियों को चुनना होगा।
पूर्णिया कॉलेज की चुनाव टीम
प्रो. डॉ गौरीकांत झा, डॉ श्याम कुमार, डॉ अंजनी कुमार मिश्र, डॉ पटवारी यादव, डॉ सुनील कुमार, संजय कुमार दास पूर्णिया कॉलेज के टीम में शामिल है।
प्रत्याशियों का रंग तय
छात्र संघ चुनाव में इस बार छह पदों के लिए चुनाव होना है। सभी पदों के प्रत्याशियों के मतदाता पत्र का रंग तय किया जा चुका है। जिसमें अध्यक्ष पद का सफेद, उपाध्यक्ष पद का हरा, महासचिव का लाल, संयुक्त कोषाध्यक्ष का पीला, कोषाध्यक्ष का नीला, कौंसिल मेंबर का भूूरा रंग तय किया गया है।
चुनाव में कॉलेज को आयेगी समस्या
छात्र संघ चुनाव में कॉलेज को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जिसमें इंटर की परीक्षा के परीक्षा सेंटर, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान व मतगणना की तिथि एक ही दिन होना, मतपेटी रखने की समस्या प्रमुख है। वही शुक्रवार 2 फरवरी को विश्वविद्यालय में छात्र संघ प्रमुखों के हुई बैठक में बहुत से छात्र संघ के नेता ने चुनाव की तिथि को बढ़ाने की बात इंटर की परीक्षा के कारण कही है। क्योकि इस दौरान परीक्षा केंद्र भी बहुत से कॉलेजों में होगा।
Loading...