स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 अंकों की बजाए स्टार होगा मापदंड, आमजन के फीडबैक से रिपोर्ट होगी चेक 

कुमार गौरव/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार : अगले साल 2019 से शहर की स्वच्छता अधिकारियों की रिपोर्ट से अधिक आमजन की भागीदारी से सुनिश्चित होगी। केंद्रीय शहरी विभाग द्वारा करवाए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में फेरबदल किए गए। अब केंद्र से आने वाली टीम शहर के वार्डों में लोगों से पूछेंगी कि आपके आस पास कहीं कोई कचरा तो नहीं है।

नगर निगम की कागजी रिपोर्ट पर ही नहीं बल्कि जनता के फीडबैक पर स्वच्छता आंकी जाएगी। इतना ही नहीं 2019 में अंक के स्थान पर स्टार रेटिंग होगी। कचरा मुक्त शहर को अधिकतम सात व न्यूनतम एक स्टार दिया जाएगा। शहर में लोगों से फीडबैक के दौरान पूछा जाएगा कि क्या पिछले कुछ महीनों में अपने घर के आसपास कचरा पड़ा देखा है या नहीं। यदि किसी भी वार्ड में निगेटिव फीडबैक मिला तो शहर 7 स्टार रेटिंग में पिछड़ सकता है। यही नहीं केंद्र की टीम को सर्वे के लिए बुलाने से पहले नगर निगम के नगर आयुक्त वार्ड पार्षद से यह प्रमाण पत्र लेना होगा कि उनका वार्ड स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंडों के अनुसार गारबेज फ्री है।

केंद्र ने साल 2019 की स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहरों के सर्वे में मुकाबले के मापदंड में परिवर्तन किए हैं। अब सर्वे टीम किसी भी शहर में चुनिंदा स्थानों पर निरीक्षण करके नंबर नहीं देगी। बल्कि सभी वार्ड के पांच स्थानों का मुआयना कर प्रत्येक वार्ड में कम से कम 60-70 लोगों से सफाई के बारे में पूछा जाएगा।

…कागजी सर्वे की बजाए जनता की फीडबैक तय करेगी स्वच्छता : 

स्वच्छ सर्वेक्षण में सरकार लगातार जनता की भागीदारी बढ़ाने में लगी है। इस साल जहां चार हजार अंकों में जनता की सीधी फीडबैक के 1400 अंक थे। वहीं अब इसके अलावा 2600 अंक अलग से जो अफसर सर्वे टीम को रिपोर्ट सौंपेंगे। उनकी भी वेरिफिकेशन जनता के बीच प्रत्येक वार्ड में पहुंचकर सर्वे टीम करेगी। जबकि इस वर्ष टीम ने सभी वार्ड की बजाए कुछ वार्डों में महज कुछ स्थानों पर जनता की फीडबैक ली थी।

अब 50 स्थानों पर साल भर का फीडबैक लिया जाएगा, तभी 7 स्टार मिलेगा। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की सर्वे टीम तीन, पांच और सभी मापदंडों पर खरा उतरने पर सात स्टार रेटिंग शहर को देगी। जबकि सर्वे में प्रदेश स्तर पर 1, 2 और 4 स्टार मिलेंगे।

...इन मापदंडों पर खरा उतरना होगा शहर को :

– कचरा मुक्त शहर के लिए स्मार्ट स्टार रेटिंग

– प्रोटोकॉल में डोर-टू-डोर कचरा संग्रह

– ठोस व तरल कचरा अलग-अलग इकट्ठा करना

– सार्वजनिक, कमर्शियल और आवासीय क्षेत्र की सफाई

– वेस्ट स्टोरेज, प्लास्टिक बैन, ड्रेनेज की सफाई, और

– शहर की सुंदरता इनमें शहर के होटल, अस्पताल और सरकारी व निजी कंपनी कार्यालय भी शामिल होंगे।

…शहरवासियों के सहयोग से सुधारेंगे रैंकिंग : 

वर्ष 2019 से स्वच्छता रैंकिंग के लिए मापदंडों में कुछ फेरबदल हुए हैं। इसके तहत जन भागीदारी भी सरकार ने बढ़ाई है। लिहाजा, आमजन के सहयोग से शहर को साफ सुथरा बनाया जाएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

: विजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त, नगर निगम पूर्णिया।

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