पूर्णिया:अब गांव में भी ठोस कचरा प्रबंधन, पायलट में चांदी और कोयली सिमरा पश्चिम पंचायत का चयन

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार: लोहिया बिहार स्वच्छता मिशन के तहत अब गांवों में भी ठोस कचरा प्रबंधन का काम किया जाएगा। इसके लिए जिले के दो पंचायत का चयन किया गया है। इसके तहत पायलट के रूप में पुर्णिया पूर्व का आदर्श ग्राम  पंचायत चांदी और रुपौली प्रखंड के कोयली सिमरा पश्चिम पंचायत का चुनाव किया गया है।

दोनों पंचायतों में अगर परियोजना का सही संचालन हो गया तो इसके बाद इसे जिले के सभी 246 पंचायतों में शुरू किया जाएगा।  दोनों चयनित पंचायतों में एक  सप्ताह के अंदर  प्रबंधन के काम की शुरुआत करने के लिए गतिविधि शुरू की जाने की उम्मीद है।

…. ओडीएफ पंचायत से होगी शुरुआत

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट डिस्ट्रिक कंसल्टेंट  मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जो पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं उसमें काम शुरू किया जाना है और जिस पंचायत में 80 प्रतिशत  शौचालय का निर्माण हो चुका है उसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।जैसे-जैसे पंचायत ओडीएफ होते जाएंगे वैसे-वैसे प्रस्ताव तैयार कर इसे पंचायतों में शुरू किया जाएगा।

…पंचायत स्तर पर बनेगी कचरा प्रबंधन कमिटी

गांव में  ठोस कचरा प्रबंधन के लिए पंचायत स्तर पर ठोस कचरा प्रबंधन कमिटी के गठन किया जाएगा।जिसमें गांव के मुखिया के अलावा कुछ स्वंय सेवक का चयन किया जाएगा।चयनित लोगों को पहले ठोस कचरा प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित कर उन्हें मोटिवेटर बनाया जाएगा। ये मोटिवेटर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर घर स्तरपर  कचरा प्रबंधन के लिए  प्रेरित करने का काम करेंगे।

…गांव के लोगों को कचरा प्रबंधन के लिए किया जाएगा जागरूक

गांव में ठोस कचरा के प्रबंधन के लिए लोगों को बीच जगरूकता अभियान चलाया जाएगा। गांव में ठोस कचरा के प्रबंधन के लिए ग्रामीणों को घरेलू कचरा के निष्पादन,प्लास्टिक कचरा के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी देने के साथ-साथ उसके इस्तेमाल के बारे में बताया जाएगा।इसके साथ उन्हें कचरा को सेग्रिगेट करने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।किस तरह के कचरे के लिए कौन सी विधि अपनायी जानी है। इसके अलावा उन्हें घर के स्तर पर ही कचरे को अलग -अलग करने के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि प्रबंधन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

…..सामुदायिक स्तर पर बनेगा कम्पोस्ट प्लाट,किचन गार्डन के पर भी जोर

जिला सलाहकार आगे बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में  ज्यादातर गीला कचरे का प्रबंधन पशुओं के आहार के रूप जाता है। लेकिन गोबर,प्लास्टिक आयटम का सही से प्रबंधन नहीं हो पाने के कारण से गांव में कचरों का प्रबंधन सही तरह से नहीं हो पाता है। लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन के द्वारा मनरेगा के सहयोग से चयनित पंचायतों में सामुदायिक स्तर पर वर्मी कम्पोस्ट पिट के अलावा नाडेप प्लांट तैयार किया जाएगा।

इसके साथ-साथ ही लोगों को इन पिट में अपना कचरा डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा।वहीँ वर्मी कम्पोस्ट पिट के माध्यम से जैवीक खाद का निर्माण होगा।इसके अलावा  घरेलू स्तर पर समूह बनाकर किचन गार्डन के मैथर्ड से कचरे का प्रबंधन करने का प्लान तैयार किया गया है।तीनों विधि से प्रायोगिक स्तर पर गांव में  कचरे का प्रबंधन किया जाएगा।

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