पूर्णिया: स्कूल में भवन नहीं, शौचालय नहीं, ऐसे में पढ़ेंगे तो कैसे बढ़ेंगे बच्चे

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  बिहार में खुले आसमान में गढ़ा जा रहा भविष्य । पूर्णिया पूर्व प्रखंड के महराजपुर पंचायत के रानीपतरा प्राथमिक विद्यालय बालू घाट मझेली की स्थापना 2006 में हो चुकी थी। लेकिन विद्यालय को आजतक अपना भवन नसीब नहीं हुआ है। 2006 से अबतक विद्यार्थी खुले आसमान में पढाई कर रहे है । विद्यालय में कुल 212 छात्र एवं छात्राओं पर मात्र चार शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। प्राथमिक विद्यालय की बदहाली की खबर सरकार की व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठा रही है।

विद्यालय का एक कक्षा पेड़ के नीचे लगाकर बच्चों को पढ़ाया जाता है। विद्यालय में भवन व शौचालय नहीं होने के कारण आये दिन बच्चे एवं शिक्षकों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है। ऐसी स्थिति में विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीण भी विद्यालय की बदहाली की इस स्थिति से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि ऐसे में हमारे बच्चों के भविष्य का क्या होगा ?
विद्यालय प्रधान मो नुरुल ने बताया कि प्रखंड के सीओ के द्वारा विद्यालय के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है और मापी कर जगह चिन्हित भी कर दिया गया है। जल्द ही भवन निर्माण का काम शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभागीय पदाधिकारी के पास पत्र प्रेषित भी किया गया है। फिलहाल अभी शौचालय और भवन नहीं रहने से काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे कई विद्यालय की स्थिति दयनीय है। लेकिन विभाग के द्वारा किसी भी प्रकार की पहल नहीं की जा रही है। ऐसे में बच्चों का भविष्य अंधकारमय होना तो स्वभाविक है।

Loading...