पूर्णिया में 85 प्रशिक्षुओं को मिला स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रमाण पत्र

नीरज झा/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  पूर्णिया पूर्व प्रखंड परिसर में संचालित एसबीआई के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के प्रशिक्षण केंद्र में 10 फरवरी को कृषि उद्यमी कार्यक्रम के समापन पर  आरसेटी के निदेशक सुभाष चंद्र पाठक ने प्रशिक्षण प्रमाण पत्र का वितरण किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विगत 13 दिनों से चल रहा था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 85 प्रशिक्षु शामिल हुए।
निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त  प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यकता के अनुसार जिले के सभी बैंकों द्वारा ऋण देने में वरीयता दी जाएगी। जरुरतमंद प्रशिक्षु को मुद्रा योजना के तहत बैंकों द्वारा ऋण दिया जा सकता है एवं बिहार सरकार तथा भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं में वरीयता दी जाएगी।  उन्होंने बताया कि सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र देने के बाद विभिन्न लाभकारी सरकारी योजना के तहत एसबीआई आरसेटी अगले दो साल तक स्वरोजगार शुरू करने में मार्गदर्शन और मदद करेगा।
निदेशक ने बताया कि जल्दी ही ग्रामीणों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए संस्थान में सुअर पालन, कृषि उद्यमी प्रशिक्षण शुरू की जाएगा। जिससे कि ग्रामीण लोगों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। आरसेटी के निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण के पश्चात प्रशिक्षुओं में उद्यमिता विकास का गुण विकसित हो जाता है। जिससे उनमें स्वरोजगार में सफल होने की संभावना काफी अधिक हो जाती है और प्रशिक्षु स्वरोजगार कर काफी मुनाफा कमाते हैं। जो व्यक्ति उपरोक्त दिए गए क्षेत्रों में स्वरोजगार करना चाहते हैं वह जल्द से जल्द संस्थान में आकर अपना नामांकन करा सकते हैं। जिससे कि उन्हें इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का फायदा मिल सके। एसबीआई आरसेटी द्वारा सभी प्रशिक्षण निशुल्क दिया जाता है। साथ ही प्रशिक्षु को खाने एवं रहने की भी मुफ्त व्यवस्था रहती है। प्रशिक्षण 18 से 45 वर्ष के व्यक्तियों को दिया जाता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात सभी प्रशिक्षु स्वरोजगार करने के लिए सक्षम हो जाते हैं।
साथ ही संस्थान के निदेशक ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए न्यूनतम योग्यता आठवींं पास है।  सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात प्रशिक्षुओं को यह प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। इस प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में वरीयता दी जाती है। जो व्यक्ति पूर्णिया जिले के हैं और स्वरोजगार करना चाहते हैं वह यहां आकर प्रशिक्षण के पश्चात खुद का स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं। कार्यक्रम के समय संस्थान के संकाय माधवचंद, विद्यापति सिंह एवं सहायक नीलाभ रंजन मौजूद थे।
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