सौरा नदी में एंटी फ्लड स्लूईस के निर्माण से खत्म होगी शहर में बाढ़ की समस्या

 प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  पूर्णिया नगर निगम अंतर्गत कप्तान पुल के दक्षिणी भाग सौरा नदी में दो किलोमीटर का कटाव निरोधक कार्य के साथ साथ सुरक्षात्मक एवं एंटी फ्लड स्लूईस का निर्माण कार्य बेहद जरूरी है। साथ ही कप्तान पुल के दक्षिणी भाग सौरा नदी में ही दो किलोमीटर सौरा धार की वर्तमान स्थिति को मूल धारा की स्थिति में पुर्नस्थापन का कार्य पूर्णिया शहर की दक्षिणी पश्चिमी भाग के हजारों परिवारों की सुरक्षा, अस्तित्व एवं उनके मानवीय हितों के लिए अत्यंत जरूरी है। हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत के क्रम में समाजसेवी विजय कुमार श्रीवास्तव ने कही।
उन्होंने कहा कि पूर्णिया शहर की दक्षिणी पश्चिमी भाग की बहुत बड़ी आबादी को प्रत्येक वर्ष बाढ़ के समय असुरक्षित एवं बर्बाद होने की संवेदनशील भावनाओं से मुक्त करने के लिए रचनात्मकता दिखाने की मानवीय आवश्यकता है। कप्तान पुल के दक्षिणी हिस्से के सौरा नदी में कटाव का कार्य, तटबंध की ओर कुछ वर्षों से लगातार हो रहा है। कटाव तटबंध के बहुत समीप तक हो चुका है। नतीजतन, सौरा नदी की मूल स्थिति में काफी परिवर्तन हो गया है। इस वर्ष बाढ़ में नदी का कटाव तटबंध को निगलने को था। हालांकि प्रशासनिक सक्रियता के कारण तटबंध को सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन अबकी बार बाढ़ के हालात बेहद गंभीर थे। बाढ़ का पानी शहर के कई हिस्सों में भी प्रवेश कर चुका था।
अल्पकालीन राष्ट्रीय स्पर्धा निविदा आमंत्रित 
विजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कप्तान पुल के उत्तरी एवं दक्षिणी भागों में तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, पूर्णिया द्वारा अल्पकालीन राष्ट्रीय स्पर्धा निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। कटाव निरोधक कार्य और धार की मूल स्थिति में पुर्नस्थापन कार्य के बगैर तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की सार्थकता पूर्ण रूप से सफल हो ही नहीं हो सकती है। क्योंकि कप्तान पुल के दक्षिणी भाग सौरा नदी में कटाव तटबंध की ओर हो रहा है और कटाव तटबंध के बहुत समीप तक हो चुका है। जिससे सौरा नदी की मूल स्थिति में काफी परिवर्तन हो गया है। इस वर्ष आयी बाढ़ में नदी तटबंध को निगलने को थी। प्रशासनिक सक्रियता के बल पर तटबंध को सुरक्षित बचा लिया गया। कटाव निरोधक कार्य और धार की मूल स्थिति में पुर्नस्थापन कार्य, तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए अत्यंत जरूरी है।

बेहद जरूरी है एंटी फ्लड स्लूईस का निर्माण कार्य
तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के साथ सुरक्षात्मक एवं एंटी फ्लड स्लूईस का निर्माण कार्य उच्च सेवा पथ के साथ, पूर्णिया शहर की ट्रैफ़िक समस्याओं के हितों में भी साबित होगा। कप्तान पुल के दक्षिण भाग का तटबंध गुलाबबाग जीरो माईल और मरंगा को जोड़ने वाले एनएच 31पर मां काली टाटा शोरूम के पास मिलता है। आरएन साह चौक, फोर्ड कंपनी चौक, लाइन बाजार चौक, कटिहार मोड़ चौक, सनौली चौक और गुलाबबाग जीरो माईल चौक की व्यस्ततम एवं जटिलतम ट्रैफ़िक समस्याओं का बहुत बड़ा हल, कप्तान पुल के दक्षिण भाग के तटबंध को मात्र तीन किलोमीटर का उच्च कोटि के सेवा पथ में परिवर्तित करने से हो जाएगा। कप्तान पुल के दक्षिण भाग का तीन किलोमीटर का तटबंध बेलौरी चौक से पश्चिम गुलाबबाग जीरो माईल और मरंगा को जोड़ने वाले एनएच 31पर मां काली टाटा शोरूम के पास मिलती है।

चार हिस्सों में बांटा गया है तटबंध
शहर में बाढ़ नियंत्रण को लेकर सौरा नदी तटबंध को चार हिस्सों में बांटा गया है। जिसमें श्रीनगर तटबंध, तामड़ तटबंध, काली स्थान से कप्तान पुल और कप्तान पुल से बायपास बेलौरी तक करीब 12 किलोमीटर तक तटबंध का निर्माण कार्य होगा। इसके लिए तमाम कवायदें पूरी हो चुकी हैं और विभागीय दिशा निर्देश के लिए फाइल भेजी गई है और पूरी उम्मीद है कि जनवरी माह के अंत से तटबंध निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।

पूरी हो चुकी है टेंडरिंग प्रक्रिया
पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल वितरण प्रमंडल  राम इकबाल महतो ने जानकरी दी शहर के 12 किलोमीटर में चार हिस्सों में सौरा नदी के तटबंध का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अप्रूवल के लिए विभाग को भेजा गया है। वहां से दिशा निर्देश मिलते ही जनवरी से कार्यारंभ कर दिया जाएगा।

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