पूर्णिया: दुष्कर्म और हत्या के तीन दोषियों को फांसी की सजा

पूर्णिया: दुष्कर्म और हत्या के तीन दोषियों को फांसी की सजा

 प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  गुरुवार को पूर्णिया व्यवहार न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया । हत्या एवं दुष्कर्म के आरोपी प्रशांत कुमार 18 साल,  सोनू कुमार 23 साल, रूपेश कुमार 22 साल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र रजक ने तीनों अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान की धारा 302 एवं 376 के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। एवं सभी अभियुक्तों को एक एक लाख का अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। घटना बीकोथी के रघुवंश नगर थाना  कांड संख्या 99/ 2012 दिनांक 12/5/12 को धारा 376 /302 भारतीय दंड विधान के अंतर्गत दर्ज कराई गई थी।
कांड के सूचक जगदीश मंडल ने दर्ज कराई थी। पीड़िता मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर की पांचवी कक्षा की छात्रा थी जिसकी उम्र 13 वर्ष था|  11 मई 2012 को सुबह 6 बजे स्कूल गई थी | और उसका परिवार मलदीहा कामत पर था| रात्रि 8 बजे सुचक के भाई  राजेश्वर मंडल  ने बताया कि पिड़िता स्कूल से अभी तक नहीं आई है गांव के ही कुछ आदमी एवं दो मजदूर को लेकर खोजने निकला तो मकई खेत में लड़की कि लाश मिली।
काफी नजदीक से देखा तो सूचक की पुत्री थी| उपरोक्त अभियुक्त द्वारा दुष्कर्म का राज ना खुले इसी कारण इसकी हत्या की गई थी। लड़की के शरीर पर जगह जगह पर छुरा एवं ब्लेड से काटा गया था। और बांस से शरीर के नाजुक अंग पर गहरा जख्म किया गया। सजा को सुनाते हुये जज ने कहा कि इस तरह के कुकर्म से समाज‌ में गलत संदेश फैलता है।
सभी गवाहों ने उपरोक्त कांड को सत्य पाया आैर अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजक रामकान्त ठाकुर ने बहस किया। और उपरोक्त फैसला को समाज एवं संघ ने ऐतिहासिक बताया गया।
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