पूर्णिया: राजू दास साहब के सामने जाति प्रमाण पत्र के लिए रोता रहा, लेकिन वो नहीं माने

नीरज झा/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  सर मेरी छात्रवृति की परीक्षा 28 फरवरी को होगी। अगर 28 फरवरी से पहले मेरा जाति प्रमाण पत्र नहीं बनेगा तो मुझे इस परीक्षा के छात्रवृति का लाभ नहीं मिल पायेगा। प्लीज सर…….. मेरा काम कर दीजिए न।
उक्त बातें सोमवार को पूर्णिया पूर्व प्रखंड कार्यालय में आये राजू दास ने अंचलाधिकारी से कही। राजू ने बताया कि मैंने तत्काल में जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। सीओ सर के सामने पूर्व में बना अपना जाति प्रमाण पत्र भी दिखाया। मगर सर जांच के उपरांत ही प्रमाण पत्र जारी करने की अपनी बात पर अड़े हुए है।
दरअसल, सोमवार को विवेकानंद कॉलनी में रहने वाला राजू दास अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाने प्रखंड कार्यालय पहुंचा था। जहां सीओ जीतेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पहले खतियान दिखाओ। खतियान दिखाने के बाद सीओ ने उसे जांच करवाने की बात कही। और कहा कि जांच के बाद ही वे उसके जाति प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।
राजू पटना विश्वविद्यालय का छात्र है और 28 फरवरी तक उसे अपने कॉलेज में जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना है। जिसके बाद छात्रवृति योजना का लाभ मिल सकेगा। मगर सीओ द्वारा तत्काल में आवेदन किये जाने के बाद भी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा। जबकि नियमानुसार तत्काल में आवेदन करने के 24 घंटे के भीतर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने का प्रावधान है।
तत्काल आवेदन का क्या है नियम
प्रखंड कार्यालय परिसर में लिखा है कि आवेदक अगर स्वघोषित प्रमाण पत्र भी देता है तो उस पर अंचलाधिकारी को जाति प्रमाण पत्र बनाना होगा। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति का पहले जाति प्रमाण पत्र बन चुका है और वह नये आवेदन में उसकी फोटो कॉपी लगाता है तो उसका जाति प्रमाण पत्र बनाने का प्रावधान है। मगर पूर्णिया पूर्व प्रखंड सीओ इन सब नियम को नहीं मानते है।
जिस वजह से आवेदकों को कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता हैं। सूत्रों की माने तो सीओ ने लगभग दर्जन भर से अधिक लोगों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। इधर मामले के संबंध में जब प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी अंजनी कुमार से पुछा गया तो उन्होंने बताया कि वे इंटर की कॉपियों की बार कोडिंग में लगे हैं। उन्हें किसी प्रकार का जांच का आदेश नहीं मिला है।
पूर्णिया पूर्व सीओ जितेंद्र कुमार सिंह से उनका पक्ष पूछने के लिए उनके मोबाइल नंबर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।
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