पूर्णिया:कृषि महाविद्यालय में विश्व बाल श्रम दिवस पर बाल श्रम उन्मूलन पर जगरुकता कार्यक्रम

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के पदाधिकारी डाॅ पंकज कुमार यादव की देखरेख में विश्व बाल श्रम दिवस के अवसर पर बाल श्रम उन्मूलन विषय पर जगरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ राजेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में बताया कि विश्व बाल श्रम दिवस का आयोजन वर्ष 2002 से पूरे विश्व में बाल श्रमिकों की समस्याओं के समाधान हेतु पूरे विश्व में बालश्रम को रोकने के लिए जागरुकता एवं सक्रियता हेतु किया जा रहा है। बिहार सरकार द्वारा इस परिप्रेक्ष्य में बालश्रम उन्मूलन विमुक्त एवं पुर्नवास-राज्य कार्य योजना को मंजूरी दी गई यह मंत्री परिषद् द्वारा जून 2009 में पारित हुआ।

बालश्रम उन्मूलन विमुक्त एवं पुर्नवास का उद्धेश्य राज्य में व्याप्त बालश्रम समस्या रुपी कलंक को दूर कर बिहार को बालश्रम मुक्त राज्य बनाना है। इसके लिए बिहार राज्य बालश्रमिक आयोग द्वारा राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवा छात्र-छात्राओं को बालश्रम विषय पर सेमीनार, वाद विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों के आयोजन करके छात्र-छात्राओं को जागरुक करने का निर्देश प्राप्त है।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि  बालश्रम से तात्पर्य कोई व्यक्ति 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य करवाता है तो उसे बालश्रम कीे श्रेणी में माना जाता है। उन्होंने बताया कि भारत की संविधान के अनुच्छेद 23 के अन्तर्गत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का खतरनाक उद्योगों मं रोजगार पर प्रतिबंध लगाता हैं। भारत सरकार द्वरा वर्ष 1986 में बालश्रम निषेध अधिनियम पारित किया गया तथा वर्ष 1987 में राष्ट्रीय बालश्रम नीति बनाई गई। जिसके अन्र्तगत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम करवाना अपराध की श्रेणी में माना गया।

बालश्रम के अन्र्तगत मुख्य रुप से मिठाई की दुकान पर काम करना, सड़कों पर सामान बेचना, पटाखों के कारखानों में काम करना, लघु व्यवसाय (खाने पीने का सामान बेचना), माता पिता के व्यवसाय में मदद, कृषि कार्यों में मजदूरी, उत्खनन, नशीली दवाओं की तस्करी, वेश्यावृति, जूता पालिश करना, बक्सा बनाना, साफ सफाई का कार्य जिनमें 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य लिया जाता है, बालश्रम अपराध की श्रेणी में आता है।

यदि इस प्रकार की जानकारी मिलती है कि बच्चों से काम कराया जा रहा है, तो इसकी सूचना बालश्रम विभाग के सम्बन्धित पदाधिकारी को अवश्य प्रदान करें साथ ही साथ बिहार राज्य बालश्रमिक आयोग पटना में भी सूचना प्रदान कर समाज में बालश्रम की समस्या का उन्मूलन करने का कार्य करने में सहयोग करे।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डा॰ पारस नाथ, डाॅ0 जे एन श्रीवास्तव,  डा॰ जे॰ प्रसाद, डा॰ पंकज कुमार यादव, डा॰ अनिल कुमार, डा॰ रणवीर कुमार, श्री मणि भूषण, डाॅ0 तपन गोराई, डा॰ एस बी साह, ई॰ मोहन कुमार सिनहा,  डाॅ0 एन0 के0 शर्मा, श्री जय प्रकाश प्रसाद, श्री माचा उदय कुमार, कर्मचारियों में श्री गिरीष कुमार दास, नवीन लकड़ा के साथ-साथ सभी वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस कार्यक्रम में स्नातक कृषि चतुर्थ वर्ष के छात्राओं मे डोली भारती, कशिशराज, सुनिधि राय, नीतू, शैलजा एवं छात्रों में राहुल कुमार, अमर, विकास, अच्युत, अनिकेत, कमलेन्द्र, मयंक, मंगनू, अभिजीत, अंकित, रिशभनंदन, विक्की, प्रियांशु प्रियदर्शी, केशव कुमार, ब्रज बिहारी, पप्पु कुमार, चन्द्रदेव मुर्मु, प्रणव, राॅबी आनंद, निशिकांत पटेल आदि ने उत्साह पूर्वक भाग लेकर विश्व बालश्रम दिवस के अवसर पर बालश्रम उन्मूलन की जानकारी प्राप्त की । इस कार्यक्रम  का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के पदाधिकारी डा॰ पंकज कुमार यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन एन0 सी0 सी0 पदाधिकारी डा॰ अनिल कुमार द्वारा किया गया।

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