पूर्णिया:कृषि विद्यालय में जंक फुड के हानिकारक प्रभाव पर कार्यक्रम का आयोजन

प्रियांशु आनंद /पूर्णिया

पुर्णिया/बिहार:भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया की राष्ट्रीय सेवा इकाई योजना एवं एन सी सी की देखरेख मे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर उच्च शिक्षा संस्थानों में जंक फुड के हानिकारक प्रभाव विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय काबर, बरारी एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर बरारी कटिहार के कुल 95छात्र-छात्राएँ एवं 12 शिक्षकों द्वारा मुख्यमंत्री बिहार दर्शन अन्तर्गत शैक्षणिक भ्रमण कर महाविद्यालय की विभिन्न कृषि एवं अन्य गतिविधियों की विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त की साथ ही साथ महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम  जंक फुड के हानिकारक प्रभाव में भी सम्मिलित हुए। जंक फुड के हानिकारक प्रभाव कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता -सह- प्राचार्य डा॰ राजेश कुमार ने किया।

इस अवसर प्राचार्य द्वारा महाविद्यालय में कृषि शिक्षा, शोध प्रसार एवं प्रशिक्षण पर चर्चा करते हुए बताया कि कृषि क्षेत्र में भविष्य की अपार संभावनाएँ हैं। आप सभी छात्र-छात्राएँ ग्रामीण परिवेश से हैं इसलिए आप सब की यह जिम्मेदारी है कि आप अपने अभिभावकों जो कि कृषि कार्य में संलग्न है उन्हें यह जानकारी जरुर प्रदान करें कि वे अपने खेतों में संतुलित पोशक तत्वों का प्रयोग करें तथा मिट्टी को स्वस्थ्य बनाएँ जिससे आनेवाले समय में स्वस्थ्य मानव संसाधन का विकास हो सके।

उन्होने  जंक फुड के हानिकारक प्रभाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किया तथा बताया कि इस प्रकार के खाद्य पदार्थों के प्रयोग से मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आज विश्व में सबसे अधिक मोटे व्यक्तियों की संख्या अमेरिका में, दूसरे स्थान पर चीन एवं तीसरे स्थान पर भारत है। इस प्रकार के खाद्य पदार्थों के प्रयोग की तरफ युवा पीढ़ी का ध्यान तेजी से बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उच्च शिक्षा संस्थानों में इस के हानिकारक प्रभाव के प्रति जागरूकता हेतु कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।

इस अवसर पर डा॰ राजेश कुमार ने यह भी बताया कि आज हमलोग गुणवतापूर्ण खाद्य पदार्थ हेतु सन्तुलित भोजन करे और अपने स्वास्थ्य को अच्छा बनायें। भारत विश्व का ऐसा देश है जहाँ पर प्रकृति द्वारा हम लोगों को तीन ऋतुए प्रदान है, जिसमें गर्मी, सर्दी एवं वर्षा ऋतु, प्रकृति हमें विभिन्न ऋतुओं के आधार पर विभिन्न प्रकार के फल, सब्जी, मशाले एवं अन्य फसलों  की विभिन्न प्रजातियाँ प्रदान की है। जिसके माध्यम से हमारे शरीर को कोर्वोहाइड्रेट, विटामिन, प्रोटीन, वसा एवं खनिज तत्व शरीर की आवश्यकता के अनुरूप हम अपने स्वास्थ्य को व्यवस्थित रख सकते है। साथ ही साथ अपने जीवन शैली को नियंत्रित करने की जरूरत है और जंक फुड से दूरी बनाकर हमें प्रतिदिन खाना खाने के पूर्व हाथ को साफ रखना, मौसमी ताजे फल एवं सब्जियों का प्रयोग, प्रतिदिन 15 से 20 मिनट व्यायाम कम से कम छः घण्टे प्रयाप्त नींद लेने की आवश्यकता, शरीर में पानी की आवश्यकता की पूर्ति हेतु 8-10 गिलास पानी प्रतिदिन पीने की जरूरत है।

पानी के बारे में हमलोग कहते है कि जल ही जीवन है हमारे शरीर में यदि 5 प्रतिशत पानी की कमी होती है तो हम लोगों का गला सूखने लगता है, शरीर में10 प्रतिशत तक पानी की कमी को उचित देखभाल करके नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन यदि शरीर में 20 प्रतिशत से अधिक पानी की कमी शरीर में हो जाय तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी राष्ट्रीय सेवा योजना डा॰ पंकज कुमार यादव ने छात्र/छात्राओं को बताया की हमें इस भागम-भाग जीवन में अपने शरीर एवं स्वास्थ्य के प्रति कुछ समय देने की जरूरत है। उन्होने कहा कि जब से मानव की उत्पति हुयी है तभी से खुद को स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी मानव पर रही है।

बदलते समय के साथ-साथ स्वास्थ्य की चुनौतियां भी बदलती रही हैं। वर्तमान में किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्र की सम्पूर्ण जनसंख्या का स्वस्थ होना है, भारत विश्व में एक युवा राष्ट्र के रूप में अपना स्थान रखता है। भारत की 65 प्रतिशत आवादी 35 वर्ष से कम उम्र की है भारत भी आज विकास के इस दौर में जंक फुड के हानिकारक प्रभाव से अपने आपको अछूता नहीं रख पाया है। जंक फुड के कारण देश के नागरिकों में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धि समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें प्रमुख रूप से हृदय रोग, किडनी की बीमारी, मधुमेह की बीमारी तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्यायें आदि। इसके लिए हम सभी को जागरुक होने की आवश्यकता है।

एक दिवसीय मुख्य मंत्री बिहार दर्शन शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर बरारी कटिहारे के प्रधानाध्यापक श्री कमलेश्वरी कुमार एवं सहायक शिक्षक श्री राजकुमार मिश्र के साथ छात्र-छात्राओं में क्रमशः दीपक, आदित्य, कुन्दन, विशाल, कर्ण, रौशन, राहुल एवं छात्राएँ मधु, काजल, प्रिया, डोली तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय काबर, बरारी कटिहारे के प्रधानाध्यापक श्री हृदयनारायण मंडल एवं सहायक शिक्षक बलवंत कुमार जयसवाल, देवेन्द्र प्रसाद यादव के साथ-साथ छात्र-छात्राओं में क्रमशः अभिषेक, पवन, सोनू, केशव एवं पार्वती, पूजा, चांदनी, रानी, स्वेता आदि ने उत्साह पूर्वक प्रश्न पूछकर विभिन्न प्रकार की कृषि सम्बन्धित जानकारियाँ प्राप्त की।

इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिकों में डा॰ जे॰ एन॰ श्रीवास्तव, डा॰ जनार्दन प्रसाद,  डाॅ0 अनिल कुमार, डाॅ0 पंकज कुमार यादव, श्री मिथिलेष कुमार, श्री जे0पी0 प्रसाद, डा॰  रवि केसरी, डा॰ रुबि साहा, डा॰ श्यामबाबू साह, डा॰ तपन गराइ, श्री मणिभूषण, श्री माचाउदय कुमार एवं कर्मचारियों में श्री उमेश कुमार एवं नवीन लकड़ा के साथ-साथ अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के  स्नातक कृृषि छात्र/छात्राओं में क्रमशः निशत अंजुम, श्रृंजल सुमन, संजीता,  शिवांगी एवं  छात्रों में  राजकिशोर, कुमार आशीष, दिवाकर, संदीप, रौशन, कुमार आशीष, सुमित, नितिश, एवं  विवेक कुमार  आदि ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।  कार्यक्रम  का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन डा॰ पंकज कुमार यादव द्वारा किया गया।

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