पूर्णिया: सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केन्द्र खोलना होगा जरुरी

नितीश झा/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  जिले  के सभी पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केन्द्र खोले जाएंगे। परिवहन विभाग ने शहर में वाहनों के कारण हो रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह निर्णय लिया है। पहले चरण में जिले के शहरी इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर केंद्र खोला जाना है।  जिले में  55 पेट्रोल पंप जिन्हें  ट्रेड लायसेंस मिला हुआ है,  उनमें से किसी एक भी पंप पर वाहन प्रदूषण जांच केंद्र नहीं है। जिले के पेट्रोल पंप पर जांच केंद्र खोलने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी ने जिले के 25 पंप को पत्र के माध्यम से पंप संचालकों से आवेदन भी मंगवाया गया है।जिले में पहले से तीन केंद्र,मरंगा, दमका और फोर्ड कंपनी के पास केंद्र चल रहा है।जो जिले में वाहनों की जांच करने के लिए काफी नहीं है।
22 पंप संचालकों से मांगा गया आवेदन 
जिला परिवहन पदाधिकारी मनोज कुमार शाही ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार विभागीय दिशा-निर्देश पर पहले चरण में जिले के 25 पेट्रोल पंप संचालकों से केंद्र खोलने के लिए आवेदन मांगा गया है। लेकिन अभी तक किसी भी पंप संचालकों से कोई जवाब नहीं मिला है।सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी पंप खोला जाना है।जिसमें शहरी क्षेत्र के अलावा बायसी अनुमंडल के पंप शामिल हैं। जल्द ही धमदाहा और बनमनखी अनुमंडल के पंप संचालकों को पत्र भेजा जा रहा है।
प्रदूषण जांच केन्द्रों की स्थापना के लिए वैसे आवेदकों को प्राथमिकता दी जायेगी,जिनका प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना का स्थल पेट्रोल पंप होगा।साथ ही वैसे पेट्रोल पंप जिनका अनुज्ञप्ति अवधि समाप्त हो गया है और वह इसके रिन्यूवल करवाने के लिए आवेदन दिए हो उनका लायसेंस तभी रिन्यूवल होगा जब वह अपने पंप पर केंद्र की स्थापना करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया है आदेश
वाहनों के कारण शहरों में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी पेट्रोल पंपों में प्रदूषण जांच केन्द्रों की स्थापना का आदेश दिया है। इसी आदेश के क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग ने सभी पंपों पर प्रदूषण जांच केन्द्र खोलने का निर्देश दिया है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिवहन सचिव ने सभी जिले के परिवहन पदाधिकारी को सभी पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का निर्देश दियाः है।
आईटीआई योग्यताधारियों को काम करने का मिलेगा मौका 
वर्तमान में  प्रदूषण जांच  केन्द्रों पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों की योग्यता मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या आटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा  निर्धारित थी। लेकिन तकनीकी कर्मियों की कम संख्या को देखते हुए आईटीआई योग्यताधारियों को तैनात करने पर विचार कर रहा है। ताकि संचालकों को आसानी से कर्मी उपलब्ध हो सके ।
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