पूर्णिया: ध्यान व योग से पाप कर्म फल नष्ट होता है: निरंजन बाबा

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/रानीपतरा/बिहार:  ध्यान एवं योग से पाप कर्म नष्ट हो जाता है एवं ध्यान योग से ही मुक्ति पायी जा सकती है। लेकिन पाप करने वाले से ध्यान एवं योग नहीं हो सकता है। उक्त बातें निरंजन बाबा ने पूर्णिया पूर्व प्रखंड के डिमिया छतरजान पंचायत के बिलरिया स्थित हृदय धाम में तीन दिनों से चल रहे महर्षि मेहीं संतमत सत्संग के तीन दिवसीय सत्संग के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भक्ति करने से मनुष्य को शक्ति मिलती है।

उन्होंने कहा मनुष्यों को पाप, व्यभिचार, झूठ एवं चोरी से बचना चाहिए। ऐसा करने वाले को परमात्मा भी शरण देते हैं। इसलिए सत्संग करो और तन मन को साफ रखो। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे। वहीं भजन गायक राजेंद्र पंडित द्वारा गाए गए भजन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और श्रद्धालु झूमते नजर आए। सत्संग प्रेमियों के लिए भंडारा प्रसादी का भी आयोजन किया गया था। मुख्य रूप से कुटी सेवक निरंजन बाबा के द्वारा इस सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

निरंजन बाबा के सतसंग में भक्तों पर चढ़ा भक्ति का रंग

इस मौके पर पूर्णिया सदर विधायक विजय खेमका भी पहुंचे और लोगों का मंच से अभिवादन स्वीकार किया। साथ ही उपस्थित लोगों को सत्संग से जुड़ी जानकारी दी। वहीं मंच पर उपस्थित देव शरण यादव ने विधायक से मांग की है कि पूर्णिया में जो विश्वविद्यालय बनेगा उसका नाम महर्षि मेहीं के नाम से ही हो। सदर विधायक ने लोगों की मांग को विधानसभा पटल पर रखने की बात दुहराई और कहा कि मैं अापकी मांग को हर हाल में पूरा करूंगा। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में आशीष यादव, कन्हैया यादव, विवेका यादव, रूपेश यादव, अंगद मंडल, प्रदीप साह, यशवंत यादव, छोटेलाल यादव, पप्पू यादव का विशेष योगदान रहा।

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