पूर्णिया नगर निगम में मकानों की मिलेगी ऑनलाइन जानकारी

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:  पूर्णिया शहरी क्षेत्र को हाईटेक बनाने की नगर निगम की कवायद गति पकड़ रही है। नगर निगम के अंतर्गत सभी 46 वार्डों के मकानों को ऑनलाइन करने का डाटा तैयार किया जा रहा है। ताकि एक ही क्लिक पर आपको तमाम जानकारी उपलब्ध हो सके। शहरी क्षेत्र के सभी मकानों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर से जोड़ा जा रहा है। साथ ही इन नंबरों को नगर निगम की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जा रहा है।

दुनिया के किसी भी कोने से व्यक्ति सिर्फ मकान नंबर के जरिए एक क्लिक पर प्रॉपर्टी की तस्वीर, मकान मालिक का नाम, तस्वीर और वहां पहुंचने के रास्ते को भी देख सकेगा। बता दें कि ड्रीम लाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड पटना के सहयोग से निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में मकानों की सर्वे कर कोडिंग की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही मकान मालिक को एक यूनिक कार्ड नंबर भी आवंटित किए जा रहे हैं। ताकि लोगों को उनकी प्रॉपर्टी की जानकारी ऑनलाइन कहीं भी मिल सके।

इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले मकान मालिकों के मकान में निर्मित कमरों की संख्या, रहने वाले सदस्यों की संख्या तथा मकान मालिक की तस्वीर ली जाती है। सभी मकान मालिकों को आधार कार्ड की तर्ज पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर से जोड़ा जाता है और इन नंबरों को निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है।
2015 से शुरू हुई प्रक्रिया
मकानों का डिटेल्स ऑनलाइन करने की प्रक्रिया 2015 से शुरू की गई। इसके तहत प्रतिवर्ष करीब दस हजार मकानों के डिटेल्स को ऑनलाइन किया गया है। इस संबंध में ड्रीम लाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के कर्मी पुष्कर कुमार मिश्रा कहते हैं कि कर्मियों के अभाव के बावजूद कार्य जारी है और प्रतिवर्ष करीब दस हजार आवेदनों को ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में कुल 12,614 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया जिनमें से अधिकांश को ऑनलाइन किया गया और इस वर्ष के 4847 लोगों की प्रक्रिया कागजात की कमी के कारण पेंडिंग है। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2017-18 में कुल 10,273 लोगों ने आवेदन दिए और महज 1675 लोगों के आवेदन पेंडिंग किए गए हैं बाकी मकानों को ऑनलाइन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सूबे के 13 नगर निगम में मकानों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में होगी आसानी
इस कार्य के बाद लोग सिर्फ मकान नंबर डालकर निगम व सरकार से संबंधित किसी भी योजना का लाभ ले सकेंगे। जिन मकानों को यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर नहीं होगा, वैसे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पुष्कर कहते हैं कि मकानों के ऑनलाइन होते ही सिटीजन आईडी तैयार कर मकान मालिकों को दी जाती है। जिसे एक्टिवेट कर मकान मालिक स्वयं टैक्स ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। साथ ही सारी जानकारी भी उन्हें ऑनलाइन प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मकान मालिक जन्म मृत्यु सर्टिफिकेट, होल्डिंग टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, बिल्डिंग परमिशन, ट्रेड लाइसेंस, आरटीआई समेत कई अन्य जानकारियां ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा को हासिल करने के लिए सबसे पहले निगम की रसीद दिखाना पड़ता है और आधार नंबर की तर्ज पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर प्रदान किया जाता है। यह नंबर मिलते ही मकान मालिकों को नगर निगम की योजनाओं की जानकारी के लिए निगम कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
आईटी विभाग को सौंपी गई है जिम्मेदारी
पूर्णिया नगर निगम के डीडीसी सह नगर आयुक्त रामशंकर ने जानकारी दी कि  मकानों को ऑनलाइन करने की जिम्मेदारी आईटी विभाग को सौंपी गई है। इसके लिए डाटा ऑपरेटर अपना काम कर रहे हैं। जैसे जैसे आवेदन मिल रहा है मकानों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया की जा रही है। ऑनलाइन होने के बाद मकान मालिकों को सारी जानकारियां घर बैठे प्राप्त होगी।

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