और अब मुद्रा योजना को सफल बनाने के लिए होगा मुद्रा मित्र कमेटी का गठन 

कुमार गौरव/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार: मुद्रा लोन को लेकर कैट ने नई पहल शुरू की है। जिस तरह शिक्षा ऋण देने में बैंक आनाकानी करते हैं ठीक उसी तरह वे मुद्रा ऋण भी देने से परहेज करते हैं, जबकि केंद्र सरकार स्वयं ऋण की गारंटर होती है। आवेदक बैंक का चक्कर लगाते लगाते थक जाते हैं और अंततः उसे निराश होना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने हर जिले में एक ‘मुद्रा मित्र कमेटी’ गठित करने का निर्णय लिया है। बिहार प्रदेश संयोजक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि कमेटी मुद्रा ऋण लेने वालों के लिए मित्र की भूमिका में होगी। क्या क्या दस्तावेज चाहिए यह बताने के साथ बैंक यदि ऋण देने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी कराएगी। इसके लिए संबंधित मंत्रालय तक शिकायत जाएगी। इसके बाद बैंक कर्मी के खिलाफ स्थानांतरण से लेकर अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बताया कि ऋण देना बैंक वालों की कृपा नहीं बल्कि आवेदक का अधिकार है। यदि उसके दस्तावेज सही हैं और नियमानुसार सभी अहर्ता पूरी करते हैं, तो बैंक ऋण देने से इनकार नहीं कर सकते। बैंक मैनेजर प्राय: दस्तावेजों के सही होने, अहर्ता पूरी करने के बावजूद अपने स्व विवेक के अधिकार का इस्तेमाल कर आवेदन खारिज करा देते हैं। इस कारण इस योजना का लाभुक संख्या अपेक्षाकृत कम है। बैंक बहाना बनाते हैं। इसके लिए कोइ लक्ष्य संख्या तय नहीं है, इसके बावजूद बैंक कह देता है कि टार्गेट पूरा हो गया इसलिए लोन नहीं दे सकते।

…अगस्त तक कमेटियों का गठन : 

इसी माह सूबे के सभी जिलों में मुद्रा मित्र कमेटी का गठन किया जाएगा। सूची दिल्ली भेजी जाएगी और फिर केंद्र सरकार इसे अंतिम स्वीकृति देगी। जिलों में कमेटी के अध्यक्ष के लिए कैट का सदस्य होना आवश्यक है। इसके लिए कोइ भी ट्रेडर्स 11 हजार रुपए 18 फीसदी जीएसटी के साथ देकर सदस्य बन सकते हैं। कमेटी सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया जाना है।

…जाति और जनजाति के उद्यमियों को प्राथमिकता : 

पहुंच का दायरा बढ़ाने के लिए डाक विभाग के विशाल नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। देश भर के 5.77 करोड़ छोटी व्यापार इकाइयों की मदद करेगा। इन्हें अभी बैंक से कर्ज लेने में बहुत मुश्किल होती है। इसके तहत तीन तरह के कर्ज दिए जाएंगे- शिशु, किशोर और तरुण। व्यापार शुरू करने वाले को ‘शिशु’ श्रेणी का ऋण। ‘किशोर’ के तहत 50 हजार से 5 लाख तक और ‘तरुण’ श्रेणी के तहत 5 से 10 लाख रुपए का कर्ज दिया जाएगा। बता दें कि जाति व जनजाति समुदाय के उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

…गारंटी सरकार लेती है : 

अशोक वर्मा ने बताया कि ऋण की गारंटी केंद्र सरकार लेती है। इसके बाद भी बैंक आनाकानी करते हैं। रुपए 10 लाख तक के ऋण के लिए कोई गारंटी नहीं देनी है। इसके लिए फंड किसी बैंक का नहीं होता, बल्कि केंद्र सरकार फंड देती है।

…मुद्रा लोन योजना क्या है : 

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना मुद्रा बैंक के तहत है। जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 08 अप्रैल 2015 को की थी। इसका मतलब है ‘माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट्स रिफाइनेंस एजेंसी’ (MUDRA)। मुद्रा बैंक का उद्देश्य युवा, शिक्षित और प्रशिक्षित उद्यमियों को मदद देकर मुख्यधारा में लाना है। इस योजना के तहत छोटे उद्यमियों को कम ब्याज दर पर 50 हजार से 10 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है। केंद्र सरकार इस योजना पर 20 हजार करोड़ रुपए लगा रही है। साथ ही इसके लिए 3000 करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी रखी गई है।

…मिल रहा है लाभ : 

मुद्रा लोन का लाभ अमूमन सभी आवेदकों को मिल रहा है। अहर्ता पूरी होने के बाद सभी बैंकों को इस योजना का लाभ दिया जाना है। मुद्रा मित्र कमेटी का गठन होने से बेशक वैसे लोगों को लाभ मिलेगा जिन्हें किसी कारणवश इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है।

: राजेश केसरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, एसबीआई, पूर्णिया।

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