पूर्णिया:ग्रामीणों को नहीं मिल रहा मुद्रा लोन का लाभ, आवेदन देने के बाद बैरंग लौट रहे ग्रामीण

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार : एक तरफ केंद्र सरकार गरीब परिवार के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए मुद्रा लोन जैसी योजना चला रही है और युवाओं को रोजगार दिलाने का वादा कर रही है वहीं दूसरी ओर युवाओं को मुद्रा लाेन याेजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि इस योजना के तहत लाभुकों को बिना किसी पहचानकर्ता के ही लोन दिए जाने का प्रावधान है। इस कारण बड़ी संख्या में आवेदकों के द्वारा बैंक में आवेदन दिया गया है लेकिन बैंक से लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

वहीं सरकार ने सभी बैंकों को निर्देश भी दिया है कि हरेक जरूरतमंद बेरोजगार युवाओं को लोन दिया जाए ताकि युवाओं को रोजगार करने का अवसर प्राप्त हो सके।

…क्या है मुद्रा लोन : 

बता दें कि मुद्रा लोन योजना में तीन तरह से लोन दिए जाने का प्रावधान है। जिसमें शिशु लोन के तहत 50 हजार रूपए तक का लोन आवेदक प्राप्त कर सकता है। किशोर लोन के तहत आवेदकों को 50 हजार से 05 लाख रूपए तक का लोन प्राप्त हो सकता है। वहीं तरुण लोन में 5 लाख से दस लाख रूपए तक लोन दिए जाने का प्रावधान है।

...क्या है ब्याज दर : 

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है। विभिन्न बैंक मुद्रा लोन के लिए अलग ब्याज दर वसूल करते हैं। लोन लेने वालों के कारोबार प्रकृति और उससे जुड़े जोखिम के आधार पर भी ब्याज दर निर्भर करता है। आमतौर पर ब्याज दर 12 फीसदी है।

…क्या है प्रकिर्या 

मुद्रा योजना के तहत लोन लेने के लिए सबसे पहले सरकारी बैंक शाखा में आवेदन देना होगा। अगर आप खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आपको मकान का मालिकाना हक या किराए के दस्तावेज, काम से जुड़ी जानकारी व आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर सहित अन्य दस्तावेज देने होंगे। बैंक मैनेजर आपसे कामकाज के बारे में जानकारी लेंगे। उस आधार पर आपको लोन मंजूरी किया जाएगा। कामकाज के हिसाब से बैंक मैनेजर एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने को कह सकता है। यह योजना प्रधानमंत्री ने लागू किया है। लेकिन आजतक योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिला।

योजना के अंतर्गत फल बेचने वाले छोटे दुकानदार, ब्यूटी पार्लर, ट्रक ऑपरेटर व छोटे कारोबारियों की मदद के लिए महाजनों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा एवं रोजगार के लिए सीधे बैंक से मदद मिल सकेगा। लेकिन हैरत की बात तो यह है कि रोजगार के अवसर पैदा करने के मकसद से जिस योजना को क्रियान्वित किया गया, आज इस योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल रहा है। वहीं उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक सदानंद विश्वास ने बताया कि वर्ष 2017-18 में कुल 22 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें से 6 लोगों को मुद्रा लोन के तहत शिशु लोन प्रदान किए गए। उन्होंने बताया कि इस लोन के तहत राशि की रिकवरी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने बताया कि अबतक सिर्फ एक आवेदन प्राप्त हुआ है।

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