पुर्णिया: जुड़ शीतल पर्व के साथ मिथिला के नए साल की शुरुआत

प्रियांशु आनंद/पुर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  मिथिला में पुरानी परंपरा के जुड़-शीतल के साथ मिथिलावासी के नए साल की शुरुआत हो गयी है। हालांकि जुड़ शीतल पर्व का रंग अब मिथिला में फीका पड़ता जा रहा है लेकिन मिथिला के गांव में आज भी लोग नए साल की शुरुआत जुड़-शीतल पर्व में बड़ो के आशीर्वाद के साथ करते है।

मिथिला के नए साल की शुरुआत गर्मी से शुरू होती है। इसी वजह से बड़े बुजुर्ग छोटों के सिर पर बासी ठंडा जल देकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ताकि उनके जीवन में शीतलता बरकार रहे। हर साल की भांति इस साल भी प्रथम बैशाख को मैथिली नूतन वर्ष के अवसर पर मनाये जाने वाले पर्व जुड़-शीतल सम्पूर्ण मिथिलांचल सहित नेपाल के मिथिलांचल में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।

घर पर इस उत्सव पर चूल्हा नहीं जलता है। बल्कि प्रकृति से जुड़े सत्तू और आम के टिकोला की चटनी खाई जाती है। इस पर्व को स्वछता के रूप में भी देखा जाता है। क्योंकि लोग इस दिन सफाई का ज्यादा ध्यान रखते हैं। सफाई कायम रखने के लिए हर व्यक्ति द्वारा घर और रास्तों को साफ कर पानी छिडकर सफाई के साथ जीवन में शीतलता कामना करते है।

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