पूर्णिया: मक्के में नहीं आया दाना किसानों ने की मुआवजे की मांग

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार:  किसान हमारे अन्नदाता कहलाते हैं लेकिन प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पंचायत झुन्नी कलां में मक्के की फसल में दाना नहीं आने के कारण किसान काफी परेशान व हताश हैं। प्रभावित किसानों की हालत बेहद खराब हो गयी और उन्हें आर्थिक संकट की चिंता सताने लगी है।  किसानों के खेतों का सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की मांग भी अब जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं किसान संघ से जुड़े़ लोगों ने जिलाधिकारी तथा जिला कृषि पदाधिकारी से अविलंब प्रभावित किसानों की सुध लेने की मांग की है। किसान संघ के जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न यादव एवं झुन्नी कलां पंचायत के मुखिया कुंदन कृष्णमोहन से किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है।

किसान विजय महतो का का कहना है कि उन्होंने डेढ़ एकड़ जमीन पर मक्के की खेती की थी। सारा फसल बर्बाद हो गया। वहीं किसान अब्दुल रहमान ने दो एकड़ खेत में, मुंशी यादव ने उन्होंने 4 एकड़ में, ऐसे दर्जनों किसानों ने अपनी व्यथा मुखिया से सुनाई है। इन किसानों का कहना है कि मक्के की बालियाें में दाना नहीं आने से उनकी फसल बर्बाद हो गई है और ये फसल सिर्फ चारे के लायक बचा है। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर खेती की थी लेकिन अब पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है।

उनके समक्ष ऋण चुकाने व परिवार चलाने का संकट है। किसानों ने पूरे क्षेत्र में अविलंब सर्वे कराकर मुआवजे की राशि दिए जाने की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग की मिलीभगत एवं उदासीनता के कारण खाद बीज दुकानदारों ने किसानों को घटिया किस्म का खाद बीज दिया। जिसका नतीजा यह रहा कि किसान अब कहीं के नहीं रहे। किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। साथ ही किसानों ने बीज कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है।

किसान व प्रखंड अध्यक्ष सदानंद महतो ने कहा कि यदि ससमय सर्वे कराकर किसानों को लाभ नहीं दिया गया तो बेशक किसान आंदोलन करेंगे। ये सिर्फ यहां की बात नहीं है हाल में आ रही सूचना के मुताबिक कोसी सीमांचल में कई जगहों पर मकई में दाना नहीं आने की बात आई है। किसानों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि दुकानदारों द्वारा उनके साथ छलावा किया गया है।उन्हें जाली बीज दिया गया है। और किसानों द्वारा बीज कंपनियों पर कार्यवाही की मांग की है।

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