भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण

प्रियांशु आनंद/पुर्णिया
पुर्णिया/बिहार:मध्य विद्यालय, सादलपुर कोढा़ कटिहार  के छात्र एवं छात्राओं का  भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत कृषि की तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया तथा स्वच्छ भारत समर इन्टरर्नशिप की जानकारी एवं स्वच्छता हेतु शपथ दिलायी गयी।

शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के देखरेख में आयोजित किया गया।  मध्य विद्यालय सादलपुर कोढा़ कटिहार  के छात्र एवं छात्राओं का  भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में एक दिवसीय मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण में छात्र एवं छात्राओं दल के साथ कुल 19 छात्राएं, एवं 21 छात्रों के साथ 3 शिक्षकों के द्वारा एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया गया।

इस अवसर पर मंहाविद्यालय के प्राचार्य, डा॰ राजेष कुमार ने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को बताया कि आप सभी ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं इसलिए हम सभी को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवष्यकता है नही तो हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ पैदा हो जाएगी और हम सभी स्वस्थ्य नहीं रह पाएँगे, इसलिए आज हमलोग यह शपथ लें कि स्वयं तो स्वच्छता अपनाएँगे ही साथ ही साथ आसपास के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करेंगे। इसके लिए भारत सरकार द्वारा स्वक्ष्छ भारत अभियान ग्रामीण के अन्तर्गत 1 मई 2018से 30 जुलाई 2018 तक स्वच्छ भारत समर इन्टरर्नशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इसका निर्देश भारत सरकार के स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय द्वारा प्राप्त है, जिसमें छात्र-छात्राओं को विभिन्न पंचायतों का चयन कर ग्रामीण लोगों के पास कम से कम सौ घंटे स्वच्छता के विभिन्न कार्यक्रमों को अपनाने हेतु जागरुक करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही साथ उन्होंने  महाविद्यालय महाविद्यालय के उपलब्धियों के बारे में बताने के बाद छात्र/छात्राओं को बताया कि इस महाविद्यालय की स्थापना बिहार के तीन बार मुख्य मंत्री रहे स्व॰ भोला पासवान शास्त्री के नाम पर बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री माननीय श्री नितीष कुमार द्वारा वर्ष 2010 में किया गया था।

कृषि शिक्षा पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि भारत की खाद्य, पोषण और आजीविका सुरक्षा के  लिए कृषि का आज भी महत्वपूर्ण स्थान है। पिछले दो दशकों से किसानों कि फसलों की उपज में आए ठहराव द्व मृदा स्वाथ्य में गिरावट , कृषि मदों की बढती किमतें और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की आधार शिला है, यह न केवल देश की दो तिहाई आबादी की रोजी रोटी का साधन है, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जिवन शैली का आइना भी है। देश के कुल निर्यात तमें 16 प्रतिशत हिस्सा कृषि से प्राप्त होता है जिसमें प्रमुख रूप से दुध एवं दुग्ध उत्पाद, फल एवं सब्जियाँ, चाय, जूट और केला गन्ना एवं नारियल आदि की दृष्टि से विश्व में भारत का महत्वपूूूर्ण स्थान है। हम बिहार की बात करें तो यहाँ कि कुल जनसंख्याँ का करीब 80 प्रतिशत भाग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है।

जिसे ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने कृषि को बढावा देने के लिएं वर्ष 2010 में बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर,भागलपुर की स्थापना के साथ-साथ विभिन्न  महाविद्यालयों की स्थापना कि है जैसे बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय नालंदा, मण्डन भारती कृषि महाविद्यालय, सहरसा, डाॅ कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, वीर कुँवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमराॅव, बक्सर तथा दुग्ध विज्ञान महाविद्यालय, पटना स्थित सभी महाविद्यालयों में  कृषि, उद्यान  एवं अन्य सम्बद्ध विधाओं में शिक्षा, शोध, प्रसार एवं प्रशिक्षण कार्य चल रहें हैं। कृषि स्नातक शिक्षा में बिहार सरकार द्वारा 50 प्रतिशत स्थान 10 ़2 कृषि के छात्रों के लिए आरक्षीत किया है तथा 50 प्रतिशत स्थान गणित एवं विज्ञान के छात्रों के लिए आरक्षित है। साथ ही साथ प्राचार्य ने छात्र छात्राओं को बताया कि कृषि विषय में आने वाले समय में अपार संभावनाएं हैे, कृषि शिक्षा को बढावा देने के लिए वर्तमान सरकार द्वारा कृषि स्नातक शिक्षा अध्यनरत छात्र/छात्राओं को प्रतिमाह 2000 हजार रूपया छात्रवृति एवं6000 रू॰ वार्षिक रूप से किताब आदि खरीदने हेतु प्रदान किया जाता है।

जिसके लिए आप लोग अभी से जागरुक होकर कृषि की पढ़ाई में अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैे क्योंकि सरकार द्वारा कृषि की पढाई हेतु आर्थिक मदत प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर मृदा वैज्ञानिक ड़ा. पंकज कुमार यादव ने  छात्राओं को पुस्तकालय, राष्ट्रीय सेवा योजना रेड रिबन क्लब, एंेटी ड्रग क्लब, कम्प्युटर लैब, विभिन्न प्रयोगशालाएं,  तथा अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। वैज्ञानिक श्री एस0 पी0 सिन्हा ने छात्र छात्राओं को बताया कि कृषि स्नातक प्रवेश हेतु प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन बिहार सरकार कराती है जिसे बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के नाम से जाना जाता है। ख्साथ ही साथ उन्होंने कृषि के विभिन्न विषयों में होने वाली पढ़ाई की विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की।

कृषि स्नातक प्रवेश की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष  राज्य स्तर पर प्रवेश हेतु प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन बिहार सरकार करती है जिसे बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के नाम से जाना जाता है। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (कृषि स्नातक) के लिए आवेदन प्रत्येक वर्ष के फरवरी माह में विभिन्न समाचार पत्रों मे प्रकाशित होता है। अधिक जानकारी के लिए बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा की वेबसाइट पर लाग इन कर समय समय पर देखा जा सकता है।

मध्य विद्यालय, सादलपुर कोढा़, कटिहार  के छात्र एवं छात्राओं का  भोला पासवान षास्त्री कृषि महाविद्यालय,पूर्णियाँ में एक दिवसीय मुख्यमंत्री षैक्षणिक भ्रमण में   छात्र एवं छात्राओं में क्रमषः अजय, अनिल, श्रवण, निर्मल, नीरज, अरविन्द, संजीव, गौरव एवं राहुल तथा छात्राएँ सकीना, काजल, मीणा, आरती, कविता, संगीता, प्रीति, प्रियंका, रीना एवं प्रिया आदि के साथ षिक्षकों में राजेष, रोहण तथा अन्य तीन सहायक षिक्षक आदि की सक्रिय भागीदारी रही।

इस कार्यक्रम में सभी अतिथियों के साथ-साथ महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिक डा॰  पारसनाथ, डा॰ जे॰ एन॰ श्रीवास्तव, डा॰ जनार्दन प्रसाद, डा॰  श्री एस0 पी0 सिन्हा, डाॅ0 अनिल कुमार,  डाॅ0 पंकज कुमार यादव डा॰ रणवीर कुमार, श्री मिथिलेष कुमार, श्री जे0 पी0 प्रसाद, डा॰ तपन गराइ, श्री माचाउदय कुमार एवं कर्मचारियों में श्री उमेष कुमार एवं नवीन लकड़ा के साथ-साथ अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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