पूर्णिया:केजीपी प्लस टू उच्च विद्यालय में बच्चों को नहीं दी जा रही है प्रयोगशाला की जानकारी

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया
पूर्णिया/बिहार:रानीपतरा प्रखंड के केजीपी प्लस टू उच्च विद्यालय भोगा करियात में प्रयोगशाला में उपयोग होने वाले समान रहने के बावजूद भी प्लस टू के छात्र छात्राओं को प्रयोग शास्त्र की शिक्षा नहीं दी जाती है। मालूम हो कि प्लस टू के छात्रों का रजिस्ट्रेशन भी हो रहा है और अब वे लोग परीक्षा में भी शामिल होंगे।

लेकिन विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही के कारण छात्रों को प्रयोग शास्त्र की कोई जानकारी अब तक नहीं दी गई है। प्रयोगशाला में प्रयोग के लिए लाखों रुपए का लाया सामान यूं ही कार्टून में बंद पड़ा है। जो विद्यालय शिक्षा प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है। वहीं विद्यालय के शिक्षक भी आपसी गुटबाजी में उलझे हुए मिले। सब एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में लगे हुए थे।

स्वाभाविक है कि ऐसे में छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है। वहीं छात्रों को जब पूछा गया तो छात्रों ने बताया कि प्रैक्टिकल संबंधित कोई शिक्षा हमलोगों को अब तक विद्यालय में नहीं मिली है। जिसे लेकर विद्यालय प्रधान को भी शिकायत की है। वहीं शिक्षकों में मतभेद के संबंध में वरीय शिक्षक सुभाष चंद्र साह से पूछने पर बताया कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनवारुल हक के द्वारा विद्यालय में शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। जिस कारण शिक्षकों को छात्रों के समक्ष कुंठित होना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक के द्वारा की गई कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जिसका हमलोगों ने विरोध भी किया और उसी विरोध के कारण शिक्षकों को प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने बताया कि मैट्रिक के रजिस्ट्रेशन के समय बैठक कर यह निर्णय लिया गया था कि छात्रों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के अलावा एक भी रूपया ज्यादा नहीं लिया जाएगा। फिर भी उन्होंने विद्यालय के एक शिक्षक को नियुक्त कर रजिस्ट्रेशन शुल्क से 80 रुपए ज्यादा अवैध वसूली करवाया। जिसका हमलोगों ने विरोध भी किया।

जिस कारण हमलोगों को मानसिक प्रताड़ना झेलना पड़ा। वहीं विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक के द्वारा विद्यालय में वरीय शिक्षक रहने के बावजूद जूनियर व अनट्रेंड शिक्षक को हस्ताक्षरी बनवाकर अपनी मनमर्जी से रुपए की निकासी करते हैं। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक अनवारुल हक ने बताया कि शिक्षकों के द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। रही बात विद्यालय में प्रयोगशाला संचालित करने की तो उनकी भी सुदृढ़ व्यवस्था की जा रही है।

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