पूर्णिया:अब किसानों को गांव में ही अनुदानित दर पर मिलेंगे कृषि यंत्र, किसानी को मिलेगी रफ्तार 

प्रियांशु आनंद/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार: अब किसानों को खेती करना अधिक आसान और सुलभ होगा। कम दर पर किसान खेती के लिए विभिन्न तरह के उन्नत यंत्रों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे किसानों को कम लागत पर अधिक आमदनी होगी। कृषि यंत्र के लिए बैंक किसानाें का सबसे बड़ा मददगार बनेगा और इससे किसानों की किस्मत बदलेगी।

इसके लिए प्रखंड के हरेक पंचायतों में कृषि यंत्र बैंक की स्थापना होगी। इसके लिए कस्टमर हायरिंग सेंटर (सीएचसी) बनाने की योजना है। जहां से किसान सस्ते और सुलभ दर पर कृषि यंत्रों का खेती के लिए इस्तेमाल कर खर्च में कमी कर उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। इसकी स्थापना पर सरकार 80 प्रतिशत तक अनुदान देगी। अभी पहले चरण जीविका के माध्यम से 13 पंचायत के एक एक ग्राम संगठनों में कृषि उपकरण बैंक की स्थापना की जाएगी। वहीं फिलहाल मलहरिया पंचायत में शुरू की गई है अगर यह सफल रहा तो आगे पंचायत में संचालित किए जाएंगे। यहां से किसानों को सस्ते दर पर कृषि उपकरण उपलब्ध हो सकेगा। जिससे संगठन की कमाई होगी और बेरोजगारी भी दूर होगी।

...किसानों को मिलेगा फायदा : 

बैंक के खुलने से यह फायदा होगा कि किसानों को आसानी से खेती के लिए कृषि यंत्र मिल जाएगा और समूह के सदस्यों को काफी लाभ होगा। यहीं नहीं कृषि यंत्रों का उपयोग बढ़ने से उत्पादकता भी काफी बढ़ेगी। जीविका के अलावा स्वयं सहायता समूह, पैक्स, ग्राम संगठन किसान समूह के सदस्यों द्वारा भी यह बैंक खोला जाना है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 10-25 लाख तक के कृषि यंत्रों का बैंक बनाया जा सकता है।

जिसमें किसानों को कृषि यंत्र में 40 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जिस पर सरकार अनुदान देगी। इस कृषि यंत्र बैंक के माध्यम से किसानों को उचित दर पर यंत्र किराये पर मिल जाएगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कृषि उपकरण बैंक में कंबाइन हार्वेस्टर, ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टीलर, पावर टीलर, रोटावेटर, कंबाइन हार्वेस्टर, स्वचालित रीपर, डिस्क हैरो, जीरो टिलेज, पोटेटो प्लांटर, शूगर केन कटर प्लांटर, मिनी राइस मिल, डिबलर सिंचाई पाइप, स्वचालित रीपर, मिनी चालित रीपर, मिनी दाल मिल, मखाना पोपलिंग मशीन, लेजर लेवलर, पैडी ट्रांसप्लांटर, स्ट्रांरीपर और मोबाइल सीड प्रोसेसिंग आदि उपकरण शामिल है।

…प्रखंड के एक एक पंचायत में खोला जाएगा बैंक : 

जीविका के बीपीएम राजेश कुमार ने बताया कि कृषि उपकरण बैंक जीविका के ग्राम संगठन के माध्यम से पहले प्रखंड के एक एक पंचायत में खोला जाएगा। इससे किसानों को उचित मूल्य पर खेती के लिए कृषि यंत्र की उपलब्धता रहेगी। राज्य में बेहतर खेती के लिए यह कारगर साबित होगा। इससे सभी को लाभ होगा।

अगर यह बैंक सफल रहा तो सभी पंचायातों में धीरे धीरे खोला जाएगा।  इसके लिए जल्द ही कृषि विभाग से संपर्क किया जा सकता है ताकि इस योजना का लाभ हर किसी को मिल सके। किसानों को कम कीमत पर कृषि के सभी उपकरण मिलेंगे, प्रखंड में कार्य कर रहे एक दर्जन ग्राम संगठनों की कमाई होगी और बेरोजगारी दूर होगी।

…विभाग करेगा मदद : 

अगर जीविका के लोग इसके लिए संपर्क करते हैं तो हरेक पंचायत में कृषि उपकरण बैंक खोलने के लिए विभाग मदद करेगा। इन्हें हमलोग प्राथमिकता में रखेंगे।

: सुरेंद्र प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया।

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