इस चकबंदी कार्यालय में अहम दस्तावेज रखे गए हैं, भवन की हालत देखिये

नीरज झा/पूर्णिया

पूर्णिया/बिहार: कसबा प्रखंड मुख्यालय स्थित चकबंदी कार्यालय का भवन विभाग व सरकारी उपेक्षा के कारण वर्षों से जर्जर है। जगह जगह क्षतिग्रस्त छत एवं जर्जर भवन रहने की वजह से इस कार्यालय में कार्यरत कर्मियों एवं अधिकारियों के लिए जमीन संबंधी आवश्यक कागजातों को सहेज कर रखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कई बार सूचित किए जाने के बावजूद क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत अथवा पुननिर्माण की दिशा में अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

इस स्थिति में बारिश के मौसम में बारिश का पानी अंदर प्रवेश कर जाता है। जिससे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज के नष्ट हो चुके हैं। जानकारी अनुसार वर्ष 2011 में तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि की वजह से एसवेस्टस की छत को काफी क्षति पहुंची थी। छत में कई स्थानों पर बड़े बड़े छेद बन गए थे लेकिन विडंबना है कि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक इसकी मरम्मत नहीं हुई है। जबकि जमीन संबंधी आवश्यक रिकॉर्ड यहां रखे जाते हैं।

मालूम हो कि पूर्णिया जिले के कसबा एवं जलालगढ़ अंचल का चकबंदी कार्यालय सम्मिलित रूप से कसबा प्रखंड चकबंदी कार्यालय में ही चलता है। इन दोनों अंचलों के सर्वे व चकबंदी संबंधित सभी कागजात इसी कार्यालय में रखे गए हैं। इस कार्यालय में रखे गए महत्वपूर्ण कागजात यदि लापरवाही के कारण वर्षा व धूप में नष्ट हो जाता है तो इन दोनों अंचलों के भूधारियों को कितनी परेशानी होगी। इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।

सरकार जमीन संबंधी कागजात के संरक्षण के लिए डिजिटलाइजेशन कर रही है। वहीं दूसरी ओर कसबा चकबंदी कार्यालय में आवश्यक कागजातों को सहेजने का उपाय नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते कोई उपाय नहीं किया गया तो अपूरणीय क्षति हो सकती है। ज्ञात हो कि वर्ष 1972 में कसबा में शुरू हुए चकबंदी प्रखंड एवं अंचल कर्मी के गृह आवास में चल रहा है। चकबंदी कार्यालय के मौह्रिर पद पर तैनात राजकुमार मेहता ने बताया कि फिलहाल वर्तमान समय में चकबंदी कार्यालय प्रखंड सह अंचल कर्मी के गृह आवास पर संचालन किया जा रहा है। यह आवास पूर्णतः तो क्षतिग्रस्त अवस्था में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा में काम करना होता है।समय समय पर मानदेय भुगतान भी नहीं हो सकती है जिससे काफी परेशानी होती है कहने का चकबंदी है लेकिन चकबंदी जैसी व्यवस्था नहीं है।

एक अहम कार्यालय की इस बदहाली पर कसबा के सीओ अमर कुमार से सवाल करने पर उन्होंने कहा चकबंदी कार्यालय के भवन की बदहाली की रिपोर्ट ली गई है। इसके लिए विभाग को लिखा भी जा चुका है और जल्द ही भवन मरम्मती के कार्य किए जाएंगे। साथ ही चकबंदी कार्यालय में मौजूद कागजातों के रखरखाव के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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